समाचार विशेष
पुस्तक मेले से *इब्ने बतूता* लापता
नई दिल्ली ।१३वीं सदी के मोरक्को निवासी घुमंतु इब्ने बतूता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने की आस लेकर विश्र्व पुस्तक मेले में पहुंच रहे लोगों को निराशा हाथ लग रही है। उन पर लिखी एक पुस्तक ''ट्रेवल्स ऑफ इब्ने बतूता'' की सारी प्रतियां मेले में बिक चुकी हैं। हालिया प्रदर्शित फिल्म 'इश्किया' के एक गीत में इब्ने बतूता का जिक्र है। इस गीत के पापुलर होने के बाद उनके बारे में जानकारी इकट्ठा करने की होड़ मच गई है। सुप्रसिद्ध कवि सर्वेश्र्वर दयाल सक्सेना की एक कविता में इब्ने बतूता का जिक्र वर्षों पूर्व किया जा चुका है। गुडवर्ड बुक्स पब्लिकेशन के जमाल ताबिश ने बताया कि हम लोगों ने भारत में सबसे पहले १९९६ में 'ट्रैवल्स ऑफ इब्ने बतूता' किताब के कॉपी राइट लेकर इसे प्रकाशित किया। हर बार पुस्तक मेलों में हम लोग इस किताब को प्रदर्शित करते रहे हैं लेकिन इस बार जितनी डिमांड इस किताब की आई, उतनी किसी और किताब की नहीं आई। उन्होंने बताया कि तमाम ऐसे लोग भी हमारे स्टॉल पर आए जिन्होंने इस किताब को खरीदा नहीं लेकिन इसका कवर और कुछ पेज पलट-पलट कर जरूर देखे। कुछ लोगों ने अपनी जनरल नॉलेज बढ़ाने वाले इससे जुड़े सवाल भी किए। हालांकि यही किताब एक और स्टॉल 'वाइज पब्लिकेशंस' पर भी मौजूद थी लेकिन वहां भी इसकी कॉपियां बिक चुकी हैं।
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