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अम्बेडकर भी छोटे राज्यों के हिमायती थे
नागपुर ।संविधान सभा के अध्यक्ष रहे डॉ. भीमराम अंबेडकर छोटे राज्यों के समर्थक थे। इस बारे में उन्होंने १९५५ में पृथक विदर्भ समेत कई छोटे राज्यों की मांग करते हुए फजल अली आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा था। डॉ. अम्बेडकर के पौत्र और भारतीय रिपब्लिक बहुजन समाज महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अम्बेडकर के अनुसार यदि डॉ. अम्बेडकर कुछ साल और जीवित रहते तो वे निश्चित रूप से अलग राज्य के मुद्दे को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष उठा सकते थे। बाबा साहेब ने अपने ज्ञापन में दलील दी थी कि छोटे राज्य और अधिक जिम्मेदारी और समृद्धि लाएंगे। यहां अलग विदर्भ का नेतृत्व कर रहे पूर्व सांसद प्रकाश फिलहाल नए राज्य की आर्थिक व्यवहारिकताओं को न्यायोचित ठहराने के लिए आंकड़े इकट्ठे कर रहे हैं। विदर्भ की आर्थिक व्यावहारिकता पर प्रकाश ने कहा कि मोटे तौर पर आंकड़ों के मुताबिक विदर्भ से तापीय बिजली उत्पादन से पांच हजार करोड़ रूपए के अलावा करीब १४ हजार करोड़ रूपए का राजस्व मिलता है। इस बीच विदर्भ के समर्थक नेता अलग पृथक राज्य की स्थापना के लिए अपना आंदोलन तेज करते हुए जेल भरो और जन जागरूकता अभियान चलाएंगे। विदर्भ राज्य संग्राम समिति के अनुसार २२फरवरी को जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा। जन आगरण अभियान चलाने के लिए विदर्भ समर्थक नेता क्षेत्र का दौरा करेंगे और विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं करेंगे। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि नागपुर के सांसद विलास मुतोमवार की अगुवाई में विभिन्न स्थानों पर आमसभाएं की जाएंगी।
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