गजब दुनिया
ऊंचा लक्ष्य, महान सिद्धि
व्यक्तिगत विकास का महत्वपूर्ण सूत्र है-जीवन उद्देश्यपूर्ण बने। और उद्देश्य महान हो। विचारों की दिशा बदलें। उद्यानं तेपुर्षि, नावयानंउपनिषद के इस सूत्र में यह प्रेरणा दी गई है कि नीचे गिरने के बजाय ऊपर उठो। लक्ष्य ऊंचा होगा, तो हमारी गति भी ऊंचाई की ओर होगी। निम्नताकी ओर प्रवाहित अपने विचारों की धारा को ऊंचाई की ओर मोडने का प्रयास करें। जब भी आप ऐसा करके देखेंगे, तो आपको आनंद और सुख की अनुभूति होगी। भौतिक साधन आपकी प्रगति में सहायक बन सकते हैं, साध्य नहीं। इन्हें साध्य मानने की भूल कभी मत करें। जीवन का लक्ष्य बहुत ऊंचा है। अपनी जिंदगी के दूरगामी और ऊंचे लक्ष्य को हमेशा याद रखें। उसी पर अपनी तीव्र दृष्टि टिकाए रखें। खेल में जैसे प्रथम पुरस्कार एक ही होता है, वैसे हमारे हृदय सिंहासन पर भी एक ही लक्ष्य स्थिर होना चाहिए। धैर्य रखें। साहस का दीप प्रवलित करें। सिद्धि कायरों को नहीं मिलती। वह साहसी और वीरों को माला पहनाती है।
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