कश्मीर घाटी के नौजवानों को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं आतंकी संगठन


कश्मीर घाटी के नौजवानों को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं आतंकी संगठन। युवा नौजवानों उसके पोल खोल रहे हैं।
– पीओके से भागकर आए आतंकियों ने बयान की क्रूर सच्चाई

नई दिल्ली। कश्मीर घाटी के नौजवानों को कैसे मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं आतंकी संगठन। जिन युवा नौजवानों को भटका कर हिंदुस्तान के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहता था, अब वो ही उसके पोल खोल रहे हैं। पीओके के मुजफ्फराबाद की जेल में करीब एक साल काटने के बाद 3 आतंकी बड़ी मुश्किल से भागने में कामयाब हुए और वापस हिंदुस्तान आकर सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया। आतंकी बनने गए तीनों नौजवानों को पीओके में इसकी क्रूरता समझ में आ गई है। इन तीनों ने बताया कि कैसे कश्मीर के नाम पर पाकिस्तान युवाओं को धोखा दे रहा है।

कौन हैं पाकिस्तान की पोल खोलने वाले आतंकी मोहम्मद सोफी भट, उम्र 22 साल, निवासी- बांदीपोरा, सज्जाद अहमद वानी, उम्र 20 साल, निवासी- बांदीपोरा, आबिद अहमद डार, उम्र 21 साल, निवासी- बांदीपोरा, इन तीनों के दिमाग में पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने ऐसा कुछ भर दिया कि ये हिंदुस्तान के खिलाफ हथियार उठाने को मजबूर हो गए। लेकिन, पीओके में दाखिल होते ही तीनों का सामना जैसे ही सच्चाई से हुआ, इनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सोफी, सज्जाद और आबिद को पाकिस्तानी फौज ने पकड़ लिया और किला जेल में डाल दिया गया। जल्दी ही इन तीनों को एक दूसरी खास जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में ये एक ऐसी जेल है, जहां सिर्फ कश्मीरियों को कैद कर रखा जाता है। जबरन उन्हें आतंकी ब्रिगेड में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। इस जेल में आतंकी संगठनों के कमांडर भी आते-जाते रहते हैं।

कश्मीर की आजादी और जेहाद के नाम पर पहले घाटी के नौजवानों को आतंकी संगठन बहलाते-फुसलाते हैं। उसके बाद आसानी से सरहद पार करवा देते हैं, पीओके में दाखिल होते ही पाकिस्तानी फौज कश्मीर के भोले-भाले नौजवानों को पकड़ लेती है। पाकिस्तानी की स्पेशल जेलों में तरह-तरह की यातनाएं दी जाती हैं, उसके बाद उनके हाथों में जबरन एके-47 पकड़ा दी जाती है। लेकिन, सुरक्षाबलों के दिमाग एक सवाल घूम रहा था कि आखिर ये तीनों सरहद पार कर पीओके कैसे पहुंचे। मतलब, पाकिस्तान फौज मुजाहिद बनने का इरादा रखनेवालों का एलओसी पर इंतजार करती है।

इन तीनों को भी पाकिस्तानी फौजियों ने रोका नहीं, पकड़ कर जेल में डाल दिया और आतंकी कमांडरों को सौंपने की तैयारियों में जुट गए। सिर्फ ये तीन ही नहीं बल्कि पीओके की माचिस जेल में कई ऐसे नौजवान बंद हैं, जो कश्मीर से गए हैं। तीनों को जेल में कड़ी यातना दी जाने लगी, एक- एक दिन मुश्किल से बीत रहा था। जेल में ही इन्हें कश्मीर में आतंक के नाम पर चले रहे फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। इस सच्चाई को जानने के बाद आखिरकार ये जेल से भागने में कामयाब रहे और वापस आ गए।

– ईएमएस