सैनिकों के सम्मान में 60 साल बाद तैयार हुआ वॉर मेमोरियल


60 वर्ष पूर्व प्रस्तावित राजनीतिक एवं प्रशासनिक उदासीनता का शिकार नेशनल वॉर मेमोरियल (एनडब्ल्यूएम) बनकर तैयार हो चुका है।
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नई दिल्ली । 60 वर्ष पूर्व प्रस्तावित राजनीतिक एवं प्रशासनिक उदासीनता का शिकार नेशनल वॉर मेमोरियल (एनडब्ल्यूएम) बनकर तैयार हो चुका है। इसके साथ ही नए साल में देश के लिए अपना बलिदान देने वालों के सम्मान में लिखी पंक्तियां- जब तुम घर जाना तो उन्हें हमारे बारे में बताना और कहना कि उनके कल के लिए हमने अपना आज न्यौछावर कर दिया। गुंजायमान हो रही हैं।

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गौरतलब है कि आजादी के बाद से हुए विभिन्न युद्ध एवं ऑपरेशनों के दौरान अपनी जान गंवाने वाले 22600 से ज्यादा सैनिकों के सम्मान में यह वॉर मेमोरियल बनाया गया है। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि 25 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी आलीशान राजपथ पर इंडिया गेट परिसर से सटे इस विश्व स्तरीय एनडब्ल्यूएम का उद्घाटन करेंगे।

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एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार विश्व में केवल भारत ही ऐसा देश था, जिसके पास वॉर मेमोरियल नहीं था। उन्होंने बताया कि एनडब्ल्यूएम सैन्य बलों की लंबे अरसे से लंबित भावुक मांग को पूरा करेगा। मालूम हो कि प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान शहीद हुए 84000 भारतीय जवानों की याद में ब्रिटिश द्वारा इंडिया गेट का निर्माण कराया गया था। जिसके बाद 1971 के युद्ध में शहीद हुए 3843 जवानों के सम्मान में अमर ज्योति का निर्माण कराया गया। 176 करोड़ की लागत से तैयार हुए एनडब्ल्यूएम के लिए केंद्र सरकार द्वारा अक्टूबर 2015 में धन राशि स्वीकृत की गई थी। 15 अगस्त 2018 को उसके उद्घाटन के लिए लक्ष्य तैयार किया गया था, परंतु डेडलाइन मिस हो गई। इस मेमोरियल में अमर चक्र, वीर चक्र, त्याग चक्र और रक्षा चक्र सहित हमेशा जलती लौ के साथ एक 15 मीटर स्तंभ बना है। इस पर भित्ति चित्र, ग्राफिक डिजाइन, शहीदों के नाम एवं 21 परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्तियां बनाई गई है।

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अधिकारियों के अनुसार एनडब्ल्यूएम से लगे प्रस्तावित नेशनल वॉर मेमोरियल के लिए एक उपयुक्त डिजाइन तय किए जाने की प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआती कीमत लगभग 350 करोड़ रुपए है एवं इसे तैयार करने में अभी कुछ वर्ष और लगेंगे।

– ईएमएस