इन दिनों मादक पदार्थों के पैसे से की जा रही है आतंकियों को फंडिंग


आतंकियों को धन उपलब्ध कराने के तरीके भी समय-समय पर बदलते रहे हैं। इन दिनों मादक पदार्थों के पैसे से आतंकियों को फंडिंग की जा रही है।
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जालंधर । आतंकवाद भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है। पाक सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में आतंकी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में लगी हुई है। पाक सेना और खुफिया एजेंसी आतंकियों को न केवल प्रशिक्षण देती है, बल्कि उन्हें आधुनिक हथियार और रुपए-पैसे से लेकर अन्य जरूरी चीजें भी उपलब्ध कराती है। आतंकियों को धन उपलब्ध कराने के तरीके भी समय-समय पर बदलते रहे हैं। इन दिनों मादक पदार्थों के पैसे से आतंकियों को फंडिंग की जा रही है। पीओके में मजबूत आतंकी ढांचा मौजूद है, जहां से आतंकियों को प्रशिक्षण देने के बाद भारत में गड़बड़ी फैलाने के लिए भेजा जाता है। इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है धन, जिसकी आपूर्ति सीमा पार से की जाती है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पिछले दिनों अपने बयान में सीमा पार से आतंकियों को होने वाली फंड़िंग पर चिंता जताई थी। आतंकियों को फंडिंग कैसे होती है, समय के साथ इसके रूप बदलते रहे हैं। 90 के दशक में जब आतंकवाद जोरों पर था तो अन्य साधनों के अलावा पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने वाले आतंकी बोरियों में पैसे ले कर आते थे।

बैलगाड़ियों पर लाद कर भी रुपए लाए गए। इस समय इनका इस्तेमाल हेरोइन की तस्करी में होने लगा है। सीमा पर चौकसी बढऩे के बाद इन दिनों हवाला के जरिए दूसरे देशों से आतंकियों को फंडिंग की जा रही है। इन दिनों सीमा पार से पैसे के रूप में मादक पदार्थों का लेनदेन भी आतंकियों की फंडिंग का बड़ा जरिया बन गया है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आईएसआई की ओर से पंजाब और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठनों के माध्यम से मादक पदार्थों की आपूर्ति करवाई जाती है। जब मादक पदार्थ तस्करों के पास पहुंचता है, तो तस्करों द्वारा इसकी पेमेंट कश्मीर में मौजूद आतंकी संगठनों और अलगाववादियों को हवाला आदि के माध्यम से की जाती है। फंडिंग का चौथा जरिया इंटरनेट ट्रांजैक्शन हो गया है। फंडिंग को लेकर कश्मीर में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

बीते माह कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के संगठन द्वारा भारत में सक्रिय आतंकियों को हवाला के जरिए फंडिंग का मामला सामने आ चुका है। इस सिलसिले में जांच एजेंसियों ने 7 जगहों पर छापेमारी की। दरअसल, पीओके में सक्रिय आतंकियों को लेकर चल रही तफ्तीश के दौरान यह खुलासा हुआ कि इन्हें कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद के संगठन के जरिए आर्थिक मदद मिल रही है। इस नेटवर्क में दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर सहित देश के कई इलाकों में हवाला से जुड़े लोगों के भी शामिल होने की बात सामने आई है। एजेंसियों के रडार पर आने वालों में खासतौर से दिल्ली के दरियागंज, निजामुद्दीन और कूचा घासीराम के अलावा गुडग़ांव के हवाला कारोबारी हैं।

– ईएमएस