युद्ध में टैंक का काल बनेगी यह मिसाइल, डीआरडीओ ने किया सफल परीक्षण


युद्ध में टैंक को नष्ट करने के लिए डीआरडीओ द्वारा मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का भारत ने राजस्थान के पोकऱण रेंज में सफल परीक्षण किया।
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नई दिल्ली । युद्ध में टैंक को नष्ट करने के लिए डीआरडीओ द्वारा विकसित मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का भारत ने राजस्थान के पोकऱण रेंज में बुधवार रात को सफल परीक्षण किया। इससे भारतीय थल सेना की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। इससे युद्ध काल में दुश्मनों के टैंक को युद्ध के मैदान में आसानी से नष्ट किया जा सकता है। भारतीय सेना ऐसे मिसाइल की मांग बहुत समय से कर रही थी। डीआरडीओ ने राजस्थान के रेगिस्तान में कल रात २-३ किलोमीटर स्ट्राइक रेंज के साथ इस मिसाइल का परीक्षण किया।
एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को एटीजीएम के नाम से जाना जाता है। जो आर्मड टैंक को नष्ट करने में सक्षम होता है। यह मुख्यत तीन प्रकार की होती हैं। पहली मैन पोर्टेबल यानि इसे कंधे पर आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है, दूसरी टैंक में माउंट मिसाइल और तीसरी हेलिकॉप्टर या लड़ाकू जहाज में माउंट मिसाइल।

एटीजीएम मिसाइल अन्य गाइडेड मिसाइल के पैटर्न पर ही काम करती हैं। इसके लिए मिसाइल में किसी निश्चित टॉरगेट के सही कोर्डिनेट पहले फिट किए जाते हैं। फिर उसे फायर किया जाता है। इसमें लक्ष्य भेदन की सटीकता बहुत ज्यादा होती है। भारत अपनी खुद की मिसाइल के विकास होने तक फ्रांस से ५००० एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को खरीद रहा है। इसके लिए रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद समिति की बैठक में मंजूरी भी दी जा चुकी है। मिलान एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल से भारत की रक्षा क्षमता में वृद्धि होगी। इजराइल की एटीजीएम मिसाइल स्पाइक का सौदा रद्द होने के बाद भारत ने फ्रांस की मिलान को खरीदा है। इसके अलावा भारत अपनी खुद की मिसाइल को भी विकसित करने में लगा हुआ है। जिसका ताजा परीक्षण बुधवार को राजस्थान में किया गया है।

– ईएमएस