शशि थरूर ने बताया राहुल के मंदिर दर्शन के पीछे का राज


कांग्रेस सांसद शशि थरूर से जब राहुल के इस 'मंदिर दर्शन' पर सवाल किए गए, तो उन्होंने इस पर अपनी राय रखी।
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नई दिल्ली । भाजपा ने ‘सच्चे हिंदू और नास्तिक धर्मनिरपेक्ष’ के बीच अंतर दिखाने की ‘लड़ाई’ छेड़ी जिसके चलते ही कांग्रेस को हिंदुत्व को लेकर दिखावा करना पड़ा है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर से जब राहुल के इस ‘मंदिर दर्शन’ पर सवाल किए गए, तो उन्होंने इस पर अपनी राय रखी। थरूर रविवार को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेने आए हुए थे। इस मौके पर उनसे उनकी नई किताब ‘द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ पर भी चर्चा हुई और फिर यह चर्चा यहां तक पहुंच गई कि वर्तमान में कांग्रेस हिंदुत्व, विश्वास, सरकार और शासन जैसे मुद्दों पर क्या सोचती है।

इस दौरान जब शशि थरूर से यह सवाल पूछा गया कि अचानक राहुल गांधी का मंदिरों में जो विश्वास बढ़ा है उसके पीछे क्या कारण हैं। थरूर ने कहा, हम (कांग्रेस) अब लंबे समय से यह महसूस कर रहे हैं कि हमें अपना निजी विश्वास जबरदस्ती पब्लिक के सामने दिखाना पड़ रहा है। हम ईश्वर में भरोसा करते हैं लेकिन हमें कभी ऐसा नहीं लगा कि हमें इसका प्रदर्शन आम जनता के सामने करना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस पार्टी नेहरू जी के धर्मनिरपेक्ष विचारों की पार्टी है, वह स्वतंत्रता संग्राम के दौर से इन्हीं विचारों पर कायम है।

थरूर ने कहा, लेकिन कांग्रेस को ऐसा करने के लिए भाजपा ने ‘मजबूर’ किया है। भाजपा ने ‘सच्चे हिंदू और नास्तिक धर्मनिरपेक्ष’ के बीच अंतर दिखाने की यह ‘लड़ाई’ छेड़ी है। थरूर ने आगे कहा, और भारत जैसे देश में अगर यह बहस छेड़ी जाए, जहां धर्म गहरे तक जुड़ा है, तो वहां धर्मनिरपेक्षता की हमेशा हार होगी। ऐसे में हमने भी यह तय किया कि अब हमें भी अपने धार्मिक विश्वास का प्रदर्शन करना होगा, लेकिन हम इसमें भी सभी को साथ लेकर चलेंगे और दूसरे धर्मों को भी स्वीकार करते हुए आगे बढ़ेंगे। इन दिनों राहुल गांधी जब चुनावी दौरों पर होते हैं, तो वह विशेष रूप से मंदिरों का कार्यक्रम बनाते हैं। इस पर राहुल गांधी का बचाव करते हुए थरूर ने कहा, इसे इस ढंग से देखना बिल्कुल गलत है कि हम स्वार्थ या अवसरवादिता के लिए यहां जाते हैं। उन्होंने कहा, जब राहुल खुद को ‘शिव भक्त’ कहते हैं, तो उन्हें अच्छी तरह से पता है कि वह क्या बोल रहे हैं। कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने कहा, मैंने राहुल गांधी के कई बार धर्म और अध्यात्म पर बात की है। इन विषयों पर राहुल की समझ गहरी है और वह धर्म और अध्यात्म को गहरे तक समझते हैं।

– ईएमएस