रोबोट तलाशेगा अब बम


रोबोट खतरे वाले स्थानों पर जाकर बम और अन्य संदिग्ध सामानों की तलाशी करेगा।
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जालंधर। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन चंडीगढ़ में चल रही साइंस कांग्रेस के पहले दिन बेंगलुरु के सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स केयर ने मिनी यूजीबी रोबोट पेश किया है। यह रोबोट खतरे वाले स्थानों पर जाकर बम और अन्य संदिग्ध सामानों की तलाशी करेगा। रोबोट को रिमोट से ऑपरेट करने की जरूरत नहीं होगी। यह स्वयं अपने आप को कंट्रोल करेगा। रोबोट में कैमरा, सेंसर राडार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा गया है। इस रोबोट के माध्यम से बिना किसी नुकसान के अब बारूदी सुरंग और अन्य सैनिक गतिविधियों पर आसानी के साथ निगाह रखी जा सकेगी।

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प्लास्टिक की बुलेट

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन चंडीगढ़ की टनल बैलेस्टिक रिसर्च लैब ने प्लास्टिक बुलेट प्रस्तुत की इस बुलेट की खासियत यह है कि इसे सुरक्षाकर्मी के पास उपलब्ध एके 47 राइफल से भीम फायर किया जा सकता है प्लास्टिक बुलेट का वजन वास्तविक बुलेट की वजह से 10 गुना कम है। यह प्लास्टिक बुलेट 10 से 12 मिलीमीटर गहराई तक घाव करती है। इससे जानलेवा चोट नहीं लगती है इस प्लास्टिक बुलेट को डॉक्टर प्रिंस शर्मा ने विकसित किया है गृह मंत्रालय इस बुलेट को लेने के लिए तैयार हो गया है यह बुलेट महाराष्ट्र की वरणगांव ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में तैयार हो रही हैं|

– ईएमएस