विदेशी नंबर से फोन मतलब खतरे की घंटी, अचानक मोबाइल बंद होने पर भी सावधान


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आगरा। यदि आपके पास विदेशी नंबर से कोई प्रलोभन भरा मैसेज आए तो उसके झांसे में नहीं आएं। क्योंकि हो सकता हैं कि आप नाइजीरियन हैकर्स के निशाने पर हैं। हैकर्स का ये गैंग साइबर सेल के लिए चुनौती बन गया है। एक ही घटना की जांच ने साइबर सेल के कान खड़े कर दिए हैं। हैकर्स दिल्ली में बैठकर इंटरनेशनल नंबरों से फोन कर रहे हैं। 50 से अधिक बैंक खातों की डिटेल मिल चुकी है। गांधी नगर निवासी एक पीसीएस अधिकारी के साथ धोखाधड़ी हुई है। घोड़े की वैक्सीन सप्लाई करने के व्यापार के झांसे में उन्हें फंसाया गया था। हैकर्स उनके 35 लाख से अधिक रुपए की घोखाधड़ी की। इन मामलों में जिन नंबरों का पीछा किया जा रहा है सभी इंटरनेशनल हैं। छानबीन में पता चला है कि इन नंबरों से आगरा के लोगों को लगातार मैसेज किए जा रहे हैं। उन्हें फोन किए जा रहे हैं। हैकर्स के पास 100 से अधिक विदेशी नंबर हैं।

प्राइवेट बैंकों में पचास से अधिक उनके खातों की जानकारी अभी तक मिल चुकी है। कई तो ब्लाक हैं। इन खातों में दूसरे प्रदेशों से पैसा ट्रांसफर होता है। जिस खाते में रकम आती है उस तत्काल खाली कर दिया जाता है। उसके बाद उससे ट्रांजक्शन नहीं किया जाता है। पीसीएस अधिकारी से जिन खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई थी उन्हें फ्रीज करा दिया गया है। इस कार्रवाई से पहले खाते खाली हो चुके थे। हैकर्स रकम निकाल चुके थे। साइबर सेल को यह भय सता रहा है कि दूसरे लोग गैंग का शिकार नहीं बन जाएं। गैंग के सदस्य प्रलोभन भरे मैसेज भेजकर फंसते हैं इसके बाद उसके पास अपने एजेंट भेजते हैं।

ये साइबर हैकर्स बेहद शातिर हैं। उनके पास सिर्फ ग्राहक का नंबर होता है। इनाम निकलने का झांसा देते हैं। हैकर्स एक फार्म भेजकर उस भरने को कहते हैं। फार्म में नाम,पता,पैन नंबर,आधार नंबर लिखना होता है। महज इतनी जानकारी से भी वह बैंक खाता खाली कर देते हैं।पैन नंबर से बैंक की डिटेल निकलवा लेते हैं। अचानक मोबाइल का नेटवर्क चला जाए। घंटों नहीं आए। फोन कट जाए तो सावधान हो जाएं। हैकर्स ग्राहक के नंबर की दूसरी सिम इश्यू कर लेते हैं। जबतक उपभोक्ता समझता है, खाता खाली हो जाता है। मोबाइल से मैसेज करके नेट बैंकिंग ऑन करते हैं। ओटीपी रजिस्टर्ड उसी नंबर पर आता है। ऐसा उनके साथ किया जाता है जो नेट बैंकिंग यूज नहीं करते हैं।

– ईएमएस