यात्री ने जेट एयरवेज से मांगा 30 लाख मुआवजा


(File Photo: IANS)

मुंबई । विमानन कंपनी जेट एयरवेज की मुंबई-जयपुर फ्लाइट में गुरुवार को चालक दल की एक गलती से करीब 30 यात्री भारी तकलीफ में पड़ गए थे।

दरअसल, चालक दल के सदस्यों ने वायुयान में वायु के दबाव को नियंत्रित करने वाला स्विच नहीं खोला, तो यात्रियों के नाक-कान से खून निकलने लगा था, इसके बाद करीब पांच यात्रियों को उपचार के लिए सिटी अस्पताल भेजना पड़ा था। मगर अब इन्हीं पांच में से एक जेट एयरवेज के यात्री ने एयरलाइन से 30 लाख रुपए का मुआवजा तथा 100 अपग्रेड वाउचर्स की मांग की है।

एयरलाइन के सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यात्री ने एयरलाइन द्वारा देखभाल में कमी का आरोप लगाया है। इसके अलावा यात्री ने उड़ान का वीडियो भी ‘शेयर’ करने की धमकी दी है। जेट एयरवेज की इस उड़ान में कॉकपिट क्रू के सदस्य केबिन वायु दबाव को नियंत्रित करने वाले स्विच को खोलने में विफल रहे थे। इस वजह से विमान में सवार करीब 30 यात्रियों के नाक व कान से खून आने लगा था।

उल्लेखनीय है कि कानून के तहत यदि कोई यात्री किसी एयरलाइन से यात्रा के समय घायल होता है तो एयरलाइन को उसे मुआवजा देना होता है। यात्री ने दावा किया है कि जेट एयरवेज ने यात्रियों का ध्यान नहीं रखा और इस गलती की वजह से उनकी जान भी जा सकती थी।

ऐसे में उसे 30 लाख रुपए का मुआवजा तथा 100 अपग्रेड वाउचर दिए जाएं, ताकि वह इकनॉमी श्रेणी के टिकट पर बिजनेस श्रेणी में यात्रा कर सकें। दरअसल, गुरुवार की सुबह जेट एयरवेज़ की मुंबई-जयपुर उड़ान को टेकऑफ के कुछ देर बाद ही मुंबई वापस उतारना पड़ा, क्योंकि टेकऑफ के दौरान क्रू केबिन प्रेशर को बरकरार रखने का स्विच दबाना भूल गया था, जिसकी वजह से 166 में से 30 यात्रियों की नाक और कान से खून बहने लगा था, और कुछ ने सिरदर्द की शिकायत की थी।

जेट एयरवेज़ ने गलती करने वाले चालक दल के सदस्यों को ड्यूटी से हटा दिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

– ईएमएस

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