‘मी टू’ अभियान के बाद गुरुग्राम की ३००० कंपनियों को नोटिस जारी


‘मी टू' अभियान को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा ३००० कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब करने की तैयारी शुरू की है।

नई दिल्ली। दुनियाभर में फैले ‘मी टू‘ अभियान को देखते हुए मिलेनियम सिटी का प्रशासन सख्ती के मूड में है। जिला प्रशासन ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न-रोकथाम, निषेध एवं निवारण- अधिनियम-२०१३ को सख्ती से लागू करवाने की तैयारी शुरू की है। जिले में मौजूद कंपनियों का सेफ्टी ऑडिट शुरू किया गया है। जिले में करीब ३००० ऐसी कंपनी पाई गई हैं, जिन्होंने महिला सेफ्टी रिटर्न फाइल नहीं किया है। अब जिला प्रशासन द्वारा ३००० कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब करने की तैयारी शुरू की है। इनमें विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हैं। ये उत्पादन संबंधी उद्योग, सर्विस बेस्ड कंपनी, स्टार्टअप समेत अन्य कार्य स्थल शामिल हैं।

गुरुग्राम में ‘मी टू’ अभियान के तहत सोशल मीडिया पर महिलाएं कार्यस्थल पर उत्पीड़न की बातें खुलकर जाहिर कर रही हैं। कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए ९ दिसंबर २०१३ को यह अधिनियम लागू किया था। जिन संस्थाओं में १० से अधिक लोग काम करते हैं, उन पर यह अधिनियम लागू होता है। सबसे पहले हरियाणा में गुरुग्राम में जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति (एलसीसी) का गठन किया था।

एलसीसी विभिन्न कंपनियों को लेकर सर्वे शुरू किया था। शुरू में आया कि ५५०० कंपनियां गुरुग्राम में है। इनमें बड़ी एवं मध्यम दर्जे के २५०० कंपनियों ने यौन उत्पीड़न -रोकथाम, निषेध एवं निवारण- अधिनियम के तहत सुरक्षा ऑडिट कर रिपोर्ट दी है, बाकी ने जानकारी ही नहीं दी है। गुरुग्राम एक महानगर है। यहां पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों से लेकर बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के दफ्तर हैं। इनमें काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है।

ऐसे मामलों के लिए एसीसी बनी हुई है। जो कंपनियों का सेफ्टी रिटर्न देख रही है। उसके बाद कंपनियों से समिति नहीं बनाने का कारण पूछा जाएगा। पहले गुड़गांव अब गुरुग्राम के नाम से जाने वाले इस शहर की पहचान साइबर सिटी और मिलेनियम सिटी के तौर पर है। यह चंडीगढ़ और मुंबई के बाद यह भारत का तीसरा सबसे ज्यादा पर-कैपिटा इनकम वाला नगर है। यहां पर फॉच्र्यून-५०० में शामिल २५० कंपनियों के दफ्तर हैं। गूगल इंडिया और ट्विटर का यहां पर भी दफ्तर है। इतना ही नहीं ख्यातिप्राप्त केपीएमजी और अर्नेस्ट एंड यंग जैसी कंपनियां यहां हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाकर्मी कमा करती हैं।

– ईएमएस