राफेल पर निर्मला ने राहुल पर किया हमला, कहा गलत डेटा पेश कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष


केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल मामले में भ्रमित हैं और वह राफेल को लेकर गलत डेटा पेश कर रहे हैं।

चेन्नई। फ्रांस से हुए राफेल विमान सौदे को लेकर सरकार और प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच वार-पलटवार का सिलसिला जारी है। केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल को लेकर कोयंबटूर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी राफेल मामले में भ्रमित हैं और वह राफेल को लेकर गलत डेटा पेश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राफेल करार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट एविएशन के सीईओ ने कहा था कि अनिल अंबानी की कंपनी को ऑफसेट पार्टनर इसलिए बनाया क्योंकि उनके पास जमीन थी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि दसॉल्ट ने 284 करोड़ रुपए दिए और अंबानी ने उसी पैसे से जमीन खरीदी थी। राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि दसॉल्ट केवल मोदी को बचा रही है और जांच होगी तो प्रधानमंत्री नहीं टिक पाएंगे। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें रात में नींद नहीं आ रही, वह तनाव में हैं कि अब-तब पकड़े जाएंगे। राहुल गांधी ने दस्तावेज दिखाकर आरोप लगाया कि दसॉल्ट ने अनिल अंबानी की उस कंपनी को 284 करोड़ रुपए दिए जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 8 लाख रुपए था। राहुल ने कहा, ‘दसॉल्ट ने जो पैसे दिए अनिल अंबानी ने उसी से जमीन खरीदी। अब दसॉल्ट सीईओ कह रहे हैं कि जमीन होने की वजह से अनिल अंबानी की कंपनी को काम मिला, एचएएल को नहीं।’ राहुल ने सवाल किया कि दसॉल्ट ने एक ऐसी कंपनी में पैसा क्यों डाला जो कोई काम नहीं कर रही थी और लगातार घाटे में चल रही थी। राहुल ने इस पैसे को भ्रष्टाचार की पहली किश्त कहा।

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने राफेल करार पर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मोदी सरकार से कीमत संबंधी जानकारियां मांगी हैं। हालांकि सरकार के सूत्रों के मुताबिक सरकार यह जानकारियां सुप्रीम कोर्ट को नहीं देगी। सरकार सीक्रेसी पैक्ट का हवाला दे रही है। इस सवाल पर राहुल ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति से मैंने पूछा था कि जिस जनता के पैसे से राफेल खरीदा जा रहा है, उसे उसकी कीमत जानने का हक क्यों नहीं है। राहुल ने कहा कि फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति मैक्रॉन ने कहा था कि यह मसला प्राइसिंग सीक्रेसी पैक्ट का हिस्सा नहीं है।

– ईएमएस