नौवीं के छात्रों ने सड़क हादसे की रोकथाम के लिए बनाई खास सैंडल


स्ट्रीट लाइट की कमी के चलते होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तमिलनाडु के कुछ छात्रों ने एक नया अविष्कार किया है।
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बेंगलुरु। देश के अलग-अलग जगहों में आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की खबरें सुनने को मिलती रहती है। स्ट्रीट लाइट की कमी के चलते होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तमिलनाडु के कुछ छात्रों ने एक नया अविष्कार किया है। तमिलनाडु के एक स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों ने ऐसी डिजिटल सैंडल का निर्माण किया है, जिसकी सहायता से सड़क पर चल रहे किसी भी व्यक्ति को अंधेरे में भी काफी दूर से देखा जा सकता है। छात्रों द्वारा बनाई गई इस सैंडल को बेंगलुरु में लगे साउथ इंडियन स्टेट्स साइंस फेयर में प्रदर्शित किया गया, जिसे काफी लोगों द्वारा सराहा भी गया।

सैंडल का निर्माण तमिलनाडु के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले पार्थीबान और वी एम अक्षवरन ने किया है। सैंडल को बनाने वाले पार्थीबान ने कहा कि देश में ऐसे कई गांव है, जहां सड़कों पर लाइट की कमी के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती है। इन हालातों को देखते हुए उन्होंने इसे रोकने के लिए इस खास सैंडल को बनाया है। उन्होंने बताया कि इसका सैंडल में एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट से जोड़कर कुछ क्रिस्टल प्लेट्स लगाई गई है। इन प्लेट्स की मदद से सैंडल में लाइट्स को जोड़ा गया है, जो सड़क पर चलते टाइम अपने आप ही जल जाएगी। ऐसे में दूर से आ रहें किसी भी वाहन चालक को अंधेरे में भी सड़क पर चलने वाला शख्स आसानी से दिख जाएगा और इससे दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।

साइंस फेयर में नौवीं के छात्रों के अविष्कार के अलावा प्रदर्शित कई अन्य मॉडलों को भी लोगों ने काफी सराहा। इसमें पुद्दुचेरी के शारदा विद्या निकेतन के छात्रों द्वारा बनाया गया खास हैंलमेट भी शामिल है, जो सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए खास से डिजाइन किया गया है। हैंलमेट को मनाने वाले छात्र पीबी प्रनति ने बताया कि हैंलमेट में एक एल्कोहल सेंसर लगाया है, जो किसी भी बाईक से कनेक्ट हो सकता है। उन्होंने ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाने की कोशिश करेगा, तो हेलमेट में लगाया सेंसर बाइक को स्टार्ट ही नहीं होने देगा। जिसके कारण ड्रंक ड्राइविंग जैसे मामले भी रोके जा सकेंगे।

– ईएमएस