नियंत्रण सीमा पर पाक सेना के साथ दिखे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी, भारत सतर्क


बॉर्डर पार लश्कर ए तैयबा के आतंकी और स्पेशल कमांडोज मिलकर रजौरी और पुंछ कृष्णा घाटी सेक्टर से हमला करने की साजिश रच रहे हैं।
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नई दिल्ली । पाकिस्तान की कथनी और करनी में बहुत अंतर है वह बोलता कुछ और करता कुछ और है। उसके दोहरे चरित्र का चेहरा सामने आया है। कई नाकाम घुसपैठों की कोशिशों के बाद भी वह अपने नापाक इरादों से बाज नहीं आ रहा है। अब उसने भारतीय चौकियों पर हमले के लिए आतंकियों के साथ-साथ स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडोज का सहारा लेना भी शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं रजौरी और पुंछ सेक्टर पर स्नाइपर्स की तैनाती भी की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले इस इनपुट के बाद से सीमा बल सतर्क है। सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ दिनों से लगातार इनपुट मिल रहे हैं। जिसके मुताबिक, बॉर्डर पार लश्कर ए तैयबा के आतंकी और स्पेशल कमांडोज मिलकर रजौरी और पुंछ कृष्णा घाटी सेक्टर से हमला करने की साजिश रच रहे हैं। इससे पहले 30 दिसंबर को पाकिस्तान की बॉर्डर ऐक्शन फोर्स (बैट) ने भी हमले की कोशिश की थी। जिसे भारत ने नाकाम कर दिया था। अधिकारी के मुताबिक, अब पाकिस्तान ने हमले के लिए कमांडोज और आतंकियों के करीब 5-6 ग्रुप तैयार किए हुए हैं। प्रत्येक टीम में करीब 30 लोग हो सकते हैं। ये हमले रजौरी और पुंछ से होने की आशंका है।

भारतीय सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक बैट में पाकिस्तान आर्मी के कमांडो के साथ आतंकी भी होते हैं। वह गुरिल्ला लड़ाई में ट्रेंड होते हैं। आतंकियों को बैट में इसलिए शामिल किया जाता है ताकि पकड़े जाने पर पाकिस्तान उन्हें अस्वीकार कर सके। पिछले कुछ महीनों में भारत द्वारा पाकिस्तान के कम से कम 4 बैट हमलों को नाकाम किया जा चुका है। ये हमले लाइन ऑफ कंट्रोल पर पुंछ, तंगधर, केरन, नौगाम सेक्टर से हुए थे। 30 दिसंबर वाला ताजा हमला नौगाम में हुआ था, जहां भारत ने 2 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर किया था। घुसपैठिये पाकिस्तानी सैनिकों की तरह वर्दी पहने हुए थे। उनके पास जो सामान था उसमें पाकिस्तान लिखा हुआ था। उनके पास आईईडी, अन्य विस्फोटक तथा हथियार भी थे।

– ईएमएस