कुंभ : एक करोड़ सात लाख श्रृद्धालुओं नें ‎किया गंगा स्नान


कुंभ में मकर संक्रां‎ति के अवसर पर पहले शाही स्नान के ‎लिए करोड़ों श्रृद्धालू गंगा के संगम तट पर पुहंचे।
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प्रयागराज। कुंभ में मकर संक्रां‎ति के अवसर पर पहले शाही स्नान के ‎लिए करोड़ों श्रृद्धालू गंगा के संगम तट पर पुहंचे। ‎तीर्थ नगरी प्रयागराज में पहले स्नान के साथ इस महा कुंभ का शंखनाद हो गया है। यह थरथरा देने वाली ठंड भी लोगों की आस्था के सामने न काफी नजर आई। सुबह से ही लाखों श्रृद्धालू हर हर गंगे के उच्चारण के साथ गंगा में डुबकी लगाते नजर आए। यहां आए हर तपस्वी की यही इच्छा होती है कि वो धर्म के सबसे बड़े मेले में संगम तट पर शाही स्नान का हिस्सा बनें। ऐसे में सालों बाद जब ये मौका आया तो संन्यासियों ने शाही स्नान किया। पूरे धूमधाम से शोभा यात्रा निकालते हुए निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु संतों ने संगम तट पर शाही स्नान किया। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है। वह भी इस पावन पर्व पर कुंभ के शंखनाद की साक्षी बनीं। इस धा‎र्मिक आयोजन में दोपहर दो बजे तक लगभग एक करोड़ सात लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई।

बता दें ‎कि अभी स्नान के लिए संगम की ओर भीड़ उमड़ ही रही है। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि संगम स्नान रात्रि लगभग ढाई बजे शुभ मुहूर्त से शुरू हो गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि शाम तक लगभग सवा करोड़ लोग स्नान करेंगे। कुंभ के प्रथम शाही स्नान पर्व मकर संक्रांति पर के ‎दिन दोपहर 12 बजे तक लगभग 85 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान ‎किया था। इस बीच कुछ अ‎प्रिय घटनाऐं भी सामने आती हैं, बता दें ‎कि कुंभ मेला के सेक्टर 3 स्थित यात्री विश्रामालय में 200 रुपये वसूली का आरोप। जो नहीं दे पाए उन्हें खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी। इस बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी पहले शाही स्नान पर गंगा में डुबकी लगाई। सुबह सबसे पहले 6.05 बजे महानिर्वाणी के साधु-संत पूरे लाव-लश्कर के साथ शाही स्नान को संगम तट पर पहुंचे। इसके साथ अखाड़ों के स्नान का क्रम प्रारंभ हुआ। सभी अखाड़ों को बारी-बारी से स्नान के लिए 30 मिनट से 45 मिनट तक का समय दिया गया है। साधु-संतों के साथ आम श्रद्धालुओं भी संगम सहित अलग-अलग घाटों पर आधी रात से स्नान कर रहे हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच घाटों पर नहाने और पूजा पाठ का सिलसिला जारी है। पारा 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम होने पर भी बड़ी तादाद में लोग डुबकी लगा रहे हैं। माना जाता है ‎कि , पहला शाही स्नान स्वर्ग का दरवाजा खोलता है। मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, वसन्त पंचमी, माघी पूर्णिमा, महाशिवरात्रि। पौष महीने की 15वीं तिथि को पौष पूर्णिमा कहते हैं। जो 2019 में 21 जनवरी को होगी इसके बाद ही माघ महीने की शुरुआत होती है। कुंभ मेले में पांचवां स्नान 19 फरवरी को माघी पूर्णिमा के दिन होगा। पौर‎णिक कथाओं के अनुसार इस दिन सभी हिंदू देवता स्वर्ग से संगम पर पदार्पण ‎किया था। इसी दिन कल्पवास व्रतधारी स्नान कर अपना व्रत पूर्ण करते हैं। इस दिन बृहस्पति गुरु की भी पूजा की जाती है। कुंभ मेले का आखिरी स्नान महा शिवरात्रि के दिन होगा 4 मार्च को है। माना जाता है कि इस दिन का देवलोक में भी इंतज़ार रहता है।

इस बार कुंभ में 12 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है, ऐसे में करोड़ों लोगों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए ज़बरदस्त बंदोबस्त किए गए हैं, इनमें संगम तट पर बना अस्थाई अस्पताल लाजवाब है, इसमें 100 बेड लगाए गए हैं, जो ‎कि बहुत ही आधु‎निक है। अब तक इस अस्पताल में 10 हज़ार लोगों का ओपीडी के ज़रिए इलाज किया जा चुका है। इस बार कुंभ में नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

वहीं यूपी पुलिस की ओर से पहली बार कुंभ मेले के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कमांड सेंटर का उद्घाटन किया था। कुंभ में 40 हज़ार एलईडी लाइट लगाई गई हैं, तो लेज़र शो के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम दिखाए जाएंगे।
कुंभ मेले में अगले 45 दिनों तक देश-विदेश के 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु जुटेंगे। श्रद्धालुओं के लिए गंगा नदी के किनारे 3,200 एकड़ क्षेत्र में छोटा शहर बसाया गया है। यहां टेंट का किराया 2,100 रुपये से लेकर 20,000 रुपये प्रति रात तक है। इसके अलावा भारी संख्या में यहां पहुंचने वाले अखाड़ों और संतों के लिए डोर्मेटरी और टेंट स्टॉल लगाए गए हैं। आधिका‎रियों के अनुसार कुंभ प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त ‎किए हैं।

–  ईएमएस