मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में देरी के जिम्मेदार हम नहींः जापान


जापान ने पीएम मोदी के ड्रीम परियोजना मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए भूमि अधिग्रहण की धीमी रफ्तार पर चिंता जाहिर की है।
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भूमि अधिग्रहण का काम गुजरात और महाराष्ट्र सरकार को करना

नई दिल्ली। जापान ने पीएम मोदी के ड्रीम परियोजना मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए भूमि अधिग्रहण की धीमी रफ्तार पर चिंता जाहिर की है। प्रोजेक्ट को लीड कर रहे जापान का कहना है कि यदि २०२२ तक इस परियोजना के पूरा होने में देरी हुई तो इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते हैं। मुंबई में जापान के कॉन्सुल जनरल रयोजी नोडा ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, दिसंबर २०१८ की डेडलाइन मिस हो गई है लेकिन साल २०२२ तक निर्धारित समय में यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी तो वह इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते हैं। इस बारे में जापान की तरफ से कुछ भी नहीं किया जा सकता है। इसके लिए हम गुजरात और महाराष्ट्र सरकार की तरफ से जमीन खरीदे जाने का इंतजार कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इससे परियोजना में देरी हो सकती है, नोडा ने कहा, मुझे इसके बारे (देरी) में पता नहीं है, मुझे लगता है कि यह थोड़ा ही होना चाहिए।

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दोनों राज्य सरकारों के साथ मिलकर गुजरात में ६१२ हेक्टेयर, दादरा और नागर हवेली में ७.५ हेक्टेयर और महाराष्ट्र में २४६ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण करना है। इस परियोजना के लिए गुजरात में ५४०४ लोगों को अपनी जमीन देनी होगी। इसमें सबसे अधिक ११९६ लोग अहमदाबाद में हैं। इसके बाद खेड़ा में ७८३ लोग अपनी जमीन देना होगा। बुलेट परियोजना से जुड़े एक सवाल के जवाब में गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने १९ फरवरी को विधानसभा में कहा था कि अधिग्रहण के लिए ३२ तालुका के १९७ गांवों की जमीन को चिह्नित किया गया है। अबतक किसानों की सहमति से १६० हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसके लिए किसानों को ६२० करोड़ का मुआवजा भी दिया जा चुका है। कॉन्सुल जनरल नोडा ने कहा कि, जापान ने भारत में बुलेट ट्रेन के संचालन के लिए भारतीय स्टाफ की ट्रेनिंग शुरू कर दी है। इसमें ड्राइवर, सिगनल एंड मेंटनेंस वर्कर्स और ट्रेन के परिचालन से जुड़े अन्य लोगों की ट्रेनिंग शामिल है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को वडोदरा के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

– ईएमएस