भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए चीन ने की पहल


पुलवामा आंतकी हमले और फिर हुई एयरस्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है।
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नई दिल्ली। पुलवामा आंतकी हमले और फिर हुई एयरस्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। इस बीच चीनी सरकार ने कहा है कि हम तनाव कम करने के लिए दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने को तैयार हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने के लिए चीन ने बातचीत के लिए भारत और पाकिस्तान में दूत भी भेज दिए है। चीन ने कहा है कि हम इस मामले को लेकर सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं।

चीन की सरकार का ये बयान उस समय आया है जब भारत पाकिस्तान से लगातार पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहा है। बड़ी बात यह है कि यूएन में चीन अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करके लगातार मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की भारत की कोशिश पर पानी फेरता रहा है। वहीं रविवार को खबर आई थी कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का विरोध नहीं करेगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूएन में फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने जैश के मुखिया मसूद अजहर अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव का विरोध नहीं करने  फैसला लिया है। इतना ही नहीं खबर यह भी है कि पाकिस्तान मसूद और उसके आतंकी संगठन पर कार्रवाई भी कर सकता है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया और दोनों देशों के बीच यु्द्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई। भारत लगातार पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। भारत की तरफ से पाकिस्तान की धरती से आतंकवाद को बढ़ावा देने के सबूत देने के बावजूद पाकिस्तान आरोपों को खारिज करता रहा है और दुनिया के सामने झूठ बोलता रहा है।

– ईएमएस