घुसपैठ की आशंका पर बढ़ाई समुद्री निगरानी


समुद्र के रास्ते आतंकी घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर निगरानी बढ़ाई है। तटरक्षक बल के ३५ जंगी पोतों और १२ वायुयानों को सुरक्षा में लगाया गया है।
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नई दिल्ली। समुद्र के रास्ते आतंकी घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर निगरानी बढ़ाई है। सूत्रों के अनुसार तटरक्षक बल के ३५ जंगी पोतों और १२ वायुयानों को सुरक्षा में लगाया गया है। यह तैनाती पहले की तुलना में तीन गुना अधिक है। पोतों एवं वायुयानों के जरिए समस्त समुद्री क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। तटरक्षक बल के साथ-साथ नौसेना को भी आगाह किया है। नौसेना गहरे समुद्र में तो तटरक्षक बल समुद्री सीमाओं पर नजर रखे हुए है। हालांकि २००८ के आतंकी हमले के बाद ही समुद्री सुरक्षा पर सरकार का ध्यान रहा है। लेकिन, समुद्र के रास्ते घुसपैठ की आशंका बढ़ी है जिसके बाद निगरानी कार्य में तीन गुना वायुयान और पोत तैनात कर दिए हैं।

रक्षा सूत्रों की माने तो रणनीति यह है कि जो क्षेत्र पोतों से रक्षित है, वहां जंगी पोतों और निगरानी नौकाओं की तैनाती की जा रही है। जबकि जिन क्षेत्रों में नौकाओं या पोत से गश्त करना चुनौतीपूर्ण है, वहां वायुयान को निगरानी पर लगाया है। इसके अलावा ङपोत एवं वायुयान समय-समय पर अलग-अलग क्षेत्रों में भी निगरानी करते हैं। कोशिश यह रहती है कि समुद्री ङसीमा का हर चप्पा-चप्पा हर समय निगरानी में रहे। समुद्र में किसी संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए छोटी नौकाओं की भी जांच शुरू की जा रही है। हालांकि इन नौकाओं पर ट्रांसपोंडर लगाने का कार्य नौसेना ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। लेकिन अभी ढाई लाख से भी अधिक नौकाएं हैं जो मछली पकड़ने आदि के कार्य से समुद्र में जाती हैं और वापस लौटती हैं। इनकी निगरानी की जा रही हैं, ताकि इनकी आड़ में कोई आतंकी घुसपैठ नहीं हो। समुद्र में किसी संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए छोटी नौकाओं की भी जांच शुरू की जा रही है। इन नौकाओं पर ट्रांसपोंडर लगाने का कार्य भी हालांकि नौसेना ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। लेकिन अभी ढाई लाख से भी अधिक नौकाएं हैं जो मछली पकड़ने आदि के कार्य से समुद्र में जाती हैं और वापस लौटती हैं। इनकी निगरानी की जा रही हैं, ताकि इनकी आड़ में कोई आतंकी घुसपैठ नहीं हो।

– ईएमएस