जीएसटीआर-3बी की वैधानिकता पर उठे सवाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार से मांगा जबाव


जीएसटीआर -3बी के रूप में मंथली समरी रिटर्न का प्रावधान आने से अब नई पेचीदगियां पैदा होने लगी हैं।
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नई दिल्ली । 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के कुछ हफ्ते बाद ही पहले से प्रस्तावित तीन रिटर्न्स जीएसटीआर -1, 2 और 3 में से आखिरी दो स्थगित होने और जीएसटीआर -3बी के रूप में मंथली समरी रिटर्न का प्रावधान आने से अब नई पेचीदगियां पैदा होने लगी हैं। चूंकि जीएसटीआर -3बी कानून के बजाय रूल्स में बदलाव के तौर पर लाया गया था, यह सवाल कोर्ट तक जा पहुंचा है कि यह जीएसटीआर -3 के बदले में माना जाय या उसके अतिरिक्त। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बारे में दाखिल एक याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। याचिका में दलील दी गई है कि जीएसटीआर -3बी पहले प्रस्तावित जीएसटीआर -3 के अतिरिक्त नहीं है और इस ही क्यों न जीएसटीआर -3 के रूप में फाइल माना जाए।

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस अनूप जयराम भंबानी की बेंच ने केंद्र से इस बारे में चार हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि रूल 61(5) के तहत कमिश्नर को यह अधिकार दिया गया था कि वह जीएसटीआर -1 और जीएसटीआर -2 की डेट बढ़ाए जाने की सूरत में नोटिफिकेशन के जरिए जीएसटीआर-3बी भरवा सकता है। विभाग की ओर से अबतक यही दलील दी जाती रही है कि जीएसटीआर -3बी अस्थायी है, और सिर्फ 31 मार्च 2019 तक भरा जाना है। याचिकाकर्ता के मुताबिक यह जीएसटी एक्ट 39 का अतिक्रमण है और रूल्स कभी एक्ट के ऊपर हावी नहीं हो सकता। जानकारों का कहना है कि जीएसटी एक्ट के सेक्शन 16(4) में प्रावधान है कि किसी भी वित्तवर्ष के इनपुट टैक्स क्रेडिट को अगले वित्तवर्ष के छह महीने बाद तक लिया जा सकता है और इस तरह वित्तवर्ष 2017-18 के क्रेडिट की डेडलाइन सितंबर महीने की रिटर्न भरने की आखिरी तारीख (20 अक्टूबर 2018) के साथ खत्म हो गई।
इसकारण सरकार एक तरह से जीएसटीआर-3बी को फाइनल रिटर्न के तौर पर मान रही है, लेकिन बिना कानूनी संशोधन के इसका वजूद तो संदिग्ध है ही, क्रेडिट डेडलाइन की वैधानिकता भी कटघरे में पड़ सकता है।अगर सरकार इस अतिरिक्त रिटर्न मानती है तो भी कानूनी प्रावधानों को चुनौती मिलती है और रिटर्न का दर्जा नहीं होने के चलते 20 अक्टूबर की डेडलाइन संदिग्ध हो जाती है। इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने पहले ही सरकार को लिख रखा है कि चूंकि जीएसटीआर -3बी ,कानूनन जीएसटीआर-3 की जगह नहीं है, इसकारण क्रेडिट लेने की डेट कम से कम सालाना रिटर्न की डेडलाइन तक बढ़ाई जाए। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2017-18 के सालाना रिटर्न की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है।

– ईएमएस