नर खोपड़ी लेकर आंदोलन में शामिल हुए तमिलनाडु के किसान


किसानों के दो दिवसीय ‘मुक्ति मार्च' में तमिलनाडु के किसान अपना पुराना तरीका अपनाते हुए नर खोपड़ी के साथ आंदोलन में शामिल हुए हैं।
Photo/Janrapat.in

नई दिल्ली। एक बार फिर दिल्ली में चल रहे किसानों के दो दिवसीय ‘मुक्ति मार्च’ में तमिलनाडु के किसान अपना पुराना तरीका अपनाते हुए नर खोपड़ी के साथ आंदोलन में शामिल हुए हैं। नर खोपड़ी के साथ ही तमिलनाडु के किसानों ने अर्ध नग्न होकर केंद्र सरकार के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है। इससे पहले अक्टूबर २०१७ में भी तमिलनाडु के किसान इसी तरह से सरकार के प्रति विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।

तमिलनाडु के किसानों की मानें तो यह उन किसानों की खोपड़ी है जो फसलों के खराब होने और बढ़ते कर्ज के चलते आत्महत्या कर अपनी जान दे चुके हैं। तमिलनाडु के किसान इस दौरान हरे झंडों और हरे रंग के ही कपड़ों में नजर आए। वहीं आंदोलन में शामिल हुए किसान नेताओं ने कहा कि अगर सरकार उनकी मागों पर ध्यान नहीं देती है तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। साथ ही वे आगामी चुनावों में सरकार को इसका जमकर सबक सिखाएंगे। किसान महासभा के सचिव अतुल अंजान की मानें तो सरकार को स्पेशल सेशन में किसानों के लिए दो बिल लेकर आना चाहिए। एक कर्ज माफी का और दूसरा फसलों की उचित कीमत की गारंटी का है। मालूम हो कि देशभर के ये किसान अपनी संपूर्ण कर्ज माफी और फसलों को डेढ़ गुना ज्यादा समर्थन मूल्य की मांग की है। किसानों के इस आंदोलन को कई वर्गों का भरपूर समर्थन मिला है, जिनमें कई राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हैं। किसान आंदोलन में शामिल ऑल इंडिया किसान सभा के बिहार से आए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि अगर अगर उनकी मागों को नहीं मानती है तो १९४७ जैसा आजादी का संघर्ष होगा।

– ईएमएस