अलविदा 2018 : चीन और पाकिस्तान ने कई बार की घुसपैठ हर बार मुंह की खाई


2018 की शुरुआत डोकलाम विवाद के साये में हुई। इस साल जहां चीन की ओर से कई बार बॉर्डर एरिया में घुसपैठ की गई।
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भारत की बढ़ी उपलब्धि रही 4.94 किलोमीटर लंबा बोगीबील ब्रिज

नई दिल्ली। नया साल आने में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं और 2018 अलविदा हो जाएगा। लेकिन बीता वर्ष कई सुखदुख की स्मृतिया छोड़ गया है। 2018 की शुरुआत डोकलाम विवाद के साये में हुई। इस साल जहां चीन की ओर से कई बार बॉर्डर एरिया में घुसपैठ की गई, वहीं भारत ने चीनी सीमा के नजदीकी इलाकों में बुनियादी और सुरक्षा से जुड़े ढांचे का विकास किया। लेकिन पाकिस्तान से सटी सीमा से आतंकियों की घुसपैठ में कमी नहीं आई है। इस साल चीन और पाकिस्तान से सटे भारतीय बॉर्डर पर हलचल तेज रही। दोनों देशों की ओर से भारत की सीमा में कई बार घुसपैठ की गई।

पिछले साल जून में भूटान के डोकलाम इलाके में चीनी सेना सड़क बनाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन भूटानी सरकार ने इसका विरोध किया। डोकलाम भारत के लिए सामरिक रूप से अहम चिकेन नेक के नजदीक है। इसलिए भारतीय सेना ने चीन की कोशिशों का विरोध किया। इससे चीन तिलमिला उठा। दोनों देशों की सेना करीब 73 दिनों तक इस इलाके में आमने-सामने रहीं। बाद में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत हुई और दोनों सेनाएं पीछे हटीं। इस घटना से दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आई। इस साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। पीएम मोदी के इस दौरे के बाद दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी गर्माहट आई।

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डोकलाम गतिरोध के बाद इस साल की शुरुआत में ही भारत ने चीन से सटी करीब 3500 किलोमीटर लंबी सीमा के नजदीक कई जगहों पर सैन्य साज-ओ-सामान जुटाना शुरू कर दिया था। यही नहीं, भारत ने बड़े पैमाने पर सड़क समेत बुनियादी ढांचे का विकास शुरू कर दिया है। संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक भारत चीन सीमा के नजदीक 73 सड़कें बना रहा है। इनमें से 30 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं।
चीन के संभावित खतरे से निपटने की भारत की तैयारी का अंदाजा से इस बात से लगाया जा सकता है कि चीन की सीमा के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से के नजदीक 31 हवाई क्षेत्रों का विकास किया गया है। इनमें असम के चाबुआ और तेज़पुर के एयरपोर्ट सबसे अहम हैं। यही नहीं, भारत ने अरुणाचल के तवांग और दिरांग में दो एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) भी बनाए हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहले से बने हुए 6 एएलजी को अपग्रेड भी कर रहा है।

25 दिसंबर को असम के डिब्रूगढ़ में पीएम नरेंद्र मोदी ने 4.94 किलोमीटर की लंबाई वाले बोगीबील ब्रिज का उद्घाटन किया। इस पुल पर ट्रेन और बस के जरिए सफर किया जा सकेगा। ब्रिज के निचले भाग में 2 रेल ट्रैक बिछाए गए हैं। जबकि ऊपर 3 लेन की रोड बनी है। इस पुल की मदद से असम और अरुणाचल प्रदेश की दूरी कम हो जाएगी। ये पुल असम के डिब्रूगढ़ को ब्रह्मपुत्र के उस पार धेमाजी जिले से जोड़ता है। इसके नजदीक ही अरुणाचल प्रदेश का सिलापत्थर भी है। इस पुल को सामरिक नजरिए से बहुत अहम माना जा रहा है। इस पुल पर आर्मी के भारी टैंक भी ले जाया जा सकेंगे।

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उधर, इस साल पाकिस्तान भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ जारी रही। हालांकि, भारतीय सुरक्षा बलों के आक्रामक रवैये के चलते घाटी में इस साल ढाई सौ से ज्यादा आतंकी मारे गए।
साल के आखिर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिख समाज के लिए बेहद अहम माने जाने वाले करतापुर साहिब के लिए कॉरिडोर की आधारशिला रखी। इस कॉरिडोर के खुलने के बाद सिख श्रद्धालु बिना वीजा के भी करतारपुर साहिब जाकर गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर सकेंगे।

– ईएमएस