ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह नहीं रहे, ‘बॉर्डर’ के असली हीरो के बारे में जानें सिर्फ 8 प्वाइंट में


सुबह करीब 9 बजे ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह का मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया।
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नई दिल्ली। जेपी दत्ता की फिल्म बॉर्डर आप सभी ने देखी ही होगी। फिल्म में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी की भूमिका दमदार निभायी थी। फिल्म में देश के इस बहादुर पुत्र की वीरता को बखूबी दर्शाया गया था।

शनिवार 17 नवंबर की सुबह एक दुखद खबर यह आयी कि देश का यह वीर सपूत अब नहीं रहा। सुबह करीब 9 बजे ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह का मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। लोंगेवाल की लड़ाई के दौरान मेजर रहे कुलदीप सिंह ने विषम परिस्थितियों में भी गजब का साहस दिखाया था। दुश्मन की टैंक रेजिमेंट के सामने वह न सिर्फ चंद सैनिकों के साथ टिके रहे, बल्कि दुश्मन को धूल भी चटा दी थी। साल 1997 में जब फिल्म बॉर्डर रिलीज हुई तो यह बड़ी सुपरहिट साबित हुई थी।

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लोंगेवाल में जिस तरह से कुलदीप सिंह और उनके चंद सैनिकों की वीरता को इस फिल्म में दर्शाया गया था, इसके बाद फिल्म का सुपरहिट होना लाजमी भी था। साल 1971 में मेजर कुलदीप सिंह ने जिस वीरता का परिचय दिया था, उस इस फिल्म में बड़ी ही खूबसूरती से दिखाया था। 1971 के बाद जन्म लेने वाली जिस पीढ़ी ने कुलदीप सिंह का नाम नहीं सुना था, उस भी इस फिल्म के द्वारा ही इस वीर की वीरता के बारे में पता चला।

सिर्फ 22 साल की उम्र में ही कुलदीप सिंह पंजाब रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में शामिल हो गए थे। ज्ञात हो कि यह भारतीय सेना की सबसे पुरानी और सम्मानित यूनिट्स में से एक है। कुलदीप सिंह ने साल 1965 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भी भाग लिया था। उन्होंने गाजा और मिस्त्र में संयुक्त राष्ट्र की आपातकालीन सेना में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

– ईएमएस