अजहर मसूद ने बनाई नई योजना, अब घाटी में गाजी संभालेगा जैश की कमान


जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अज़हर ने भारत को लहुलुहान करने के लिए अपने सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र गाज़ी को बाहर निकाला है।
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नई दिल्ली। संसद हमले के मास्टर माइंड और आतंकी सगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अज़हर ने भारत को लहुलुहान करने के लिए अपने सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र गाज़ी को बाहर निकाला है। उसी ग़ाज़ी को जिसका इस्तेमाल इससे पहले वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के खिलाफ कर भी कर चुका है। दरअसल, पहले भतीजे और फिर भांजे की कश्मीर में भारतीय फौज के हाथों मौत के बाद से ही मसूद अज़हर तिलमिला गया है। इसीलिए वह अब कुछ बड़ा और घातक करना चाहता है। मगर ग़ाज़ी के भारत में घुसने की भनक मिलते ही भारतीय सेना ने अब ऑपरेशन ग़ाज़ी की भी शुरूआत कर दी है।

घाटी में नफरत फैलाने के लिए अब तक मसूद अज़हर ने अपने जितने आतंकियों को भेजा है। भारतीय सेना ने उन्हें ढेर कर दिया है। भारत को अस्थिर करने की जिम्मेदारी मसूद अज़हर ने एक-एक कर अपने दर्जनों कमांडरों को दी है। लेकिन वे ऑपरेशन ऑलआउट के दौरान मारे गए। इसके बाद बौखलाए मसूद अज़हर ने अपने भांजे को घाटी में कमांडर बनाकर भेजा। सुरक्षा बलों ने उसकी भी हत्या कर दी। इसके बाद मसूद ने अपने भतीजे को घाटी में भेजा, लेकिन उसका भी वही हश्र हुआ।

कुल मिलाकर भारतीय सेना ने पिछले दो सालों में देश के दुश्मनों पर ऐसा कहर ढ़ाया कि आतंक का पूरा कुनबा ही सिकुड़ गया। ऑपरेशन आल आउट के तहत ढाई सौ से ज़्यादा आतंकियों को जहन्नम भेजकर आतंकी मंसूबों की कमर तोड़ दी है। बाकी बचे आतंकी इन दिनों खौफ में हैं। जैश के तक़रीबन सभी बड़े आतंकियों को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में ढेर कर दिया है। अब मसूद अज़हर ने घाटी में जैश को दोबारा खड़ा करने और अपने भांजे-भतीजे और दूसरे आतंकियों की मौत का बदला लेने के लिए अपने सबसे भरोसेमंद कमांडर को मांद से बाहर निकाला है। खुफिया जानकारी के मुताबिक अब उसने अपने सबसे खास आतंकी अब्दुल रशीद गाज़ी को कमांडर बनाकर सरहद के इस पार भेजा है। उस पर घाटी में नया कैडर खड़ा करने और उन्हें प्रशिक्षित करने के अलावा आतंकी संगठन के मारे गए आतंकियों का बदला लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसके आगमन की खबर मिलते ही भारतीय सेना सतर्क हो गई है। उसने जैश कमांडर गाज़ी को मार गिराने के लिए ऑपरेशन गाज़ी शुरू किया है। उसकी तलाश में सुरक्षा बलों ने जगह-जगह छापे मारना शुरू कर दिया है।

अब्दुल रशीद गाज़ी मसूद अज़हर का सबसे भरोसेमंद साथी है, वह हथियारों और विस्फोटकों खास तौर पर आईईडी का विशेषज्ञ है। गाज़ी ने अफगानिस्तान में भी आतंकी गतिविधियां संचालित की हैं, वहां वह जैश के आतंकियों को प्रशिक्षण दिया करता था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया है। माना जा रहा है कि वह कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है। उसे पहली जिम्मेदारी कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती की दी गई है।

– ईएमएस