एनीमिया पीड़ितों के लिए वरदान साबित होगा मोबाइल एप


वैज्ञानिकों ने एक नया स्मार्टफोन एप विकसित किया है। इस एप के जरिए खून की कमी एनीमिया की एकदम सटीक पहचान हो सकती है।
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नई दिल्ली । वैज्ञानिकों ने एक नया स्मार्टफोन एप विकसित किया है। इस एप के जरिए खून की कमी एनीमिया की एकदम सटीक पहचान हो सकती है। इस बीमारी का पता लगाने में रक्त जांच की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इस एप की सहायता से नाखूनों की तस्वीरों से ही एनीमिया का पता लगाया जा सकता है। अमेरिका की एमरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह एप विकसित किया है। रक्त जांच की जगह यह एप स्मार्टफोन से किसी व्यक्ति के नाखूनों की ली गई तस्वीरों से सटीक आकलन कर सकता है कि खून में हीमोग्लोबिन की कितनी मात्र मौजूद है? इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता विल्बर लैम ने कहा कि इस स्वचालित एप का नतीजा सटीक हो सकता है। उल्लेखनीय है कि दुनिया में दो अरब लोग एनीमिया से पीडि़त हैं। ऐसे में यह एप वरदान साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस एप का इस्तेमाल क्लीनिकल डाइग्नोसिस में नहीं बल्कि स्क्रीनिंग में होना चाहिए। इस तकनीक का उपयोग कोई भी और किसी भी समय कर सकता है। यह एप खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकता है।

शरीर में फोलिक एसिड, आयरन व विटामिन-बी12 की कमी से एनीमिया रोग होता है। इस रोग में शरीर से रेड ब्‍लड सेल्‍स का लेवेल सामान्‍य से कम हो जाता है। एनीमिया का सबसे बड़ा कारण है, शरीर में खून की कमी होना। एनीमिया के कारण रोगी हमेशा थका हुआ महसूस करता है जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। एनीमिया में रोगी को ज्यादा से ज्यादा आयरन युक्त आहार लेने की सलाह दी जाती है। इससे खून की कमी को जल्दी पूरा किया जा सकता है। बढ़ते बच्चों, स्तनपान कराने वाली महिलाओं व बीमार व्यक्तियों में एनीमिया का खतरा ज्यादा होता है। शुरुआत में शरीर में खून की कमी होने पर कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन जैसे जैसे यह कमी बढ़ती जाती है इसके लक्षण भी बढ़ने लगते हैं। कमजोरी और थकावट महसूस होना, चक्कर आना, लेट के उठने पर आंखों के सामने अंधेरा छा जाना। सिर दर्द रहना, हृदय की धड़कन तेज या असामान्य होना, त्वचा व नाखूनों का पीला होना। हाथों और पैरों का ठंडा होना, आंखें पीली हो जाना, सांस फूलना, छाती में दर्द होना, महिलाओं में मासिक धर्म कम होना।

कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें खाने से इन पोषक तत्वों का शरीर में अवशोषण बाधित हो जाता है। आइए ऐसी की कुछ चीजों के बारे में जानें, जिन्हें एनीमिया होने पर नहीं खाना चाहिए। ग्‍लूटेन एलर्जी सीलिएक रोग में देखी जाती है और यह आंतों की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे पोषण तत्‍व जैसे फोलेट और आयरन को ठीक से अवशोषित नहीं होते है। यदि इसे अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो एनीमिया हो सकता है। ग्‍लूटेन गेहूं, जौ, राई, जई और इन अनाजों से बने खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसलिए एनीमिया से पीड़ि‍त लोगों को ग्‍लूटेन युक्‍त आहार के सेवन से बचना चाहिए।

– ईएमएस