विजय माल्या को लेकर भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप चरम पर


नई दिल्ली। शराब कारोबारी और बैंक घोटाले में वांच्छित विजय माल्या के लंदन से दिये विवादित बयान के बाद देश की दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्योराप अपने चरम पर पहुंच गया है। विजय माल्या के जवाब में जहां कल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्टीकरण देते हुए माल्या के बयान को सरासर गलत बताया था।

इसी क्रम में आज गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्रकार परिषद करके नये सिरे से मामले में अरुण जेटली पर आरोप लगाये। कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राफेल मुद्दे को लेकर अरुण जेटली लिखते हैं किन विजय माल्या को लेकर उन्होंने कुछ नहीं लिखा। अरुण जेटली ने जो 2 मिनट तक कहा वो झूठ है और हम आज इसका सच लेकर सामने आए हैं।

यहां पढ़ें राहुल गांधी का पूरा बयान।

माल्या की किंगफिशर को यूपीए ने बेलआउट पैकेज क्यों दिया? – पीयूष गोयल

इसके बाद भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि राहुल गांधी और विजय माल्या की जुगलबंदी है। उन्होंने पूछा कि यूपीए की सरकार ने विजय माल्या को लोन क्यों दिए और रिजर्व बैंक के ऊपर दबाव क्यों डाला गया? यूपीए सरकार ने माल्या को छूट क्यों दी? इन सबका राहुल गांधी और कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने विजय माल्या को बचाया, यूपीए ने किंगफिशर को बेलआउट पैकेज दिया।

​उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहा कि यूपीए की सरकार ने विजय माल्या को लोन क्यों दिए और रिजर्व बैंक के ऊपर दबाव क्यों डाला गया इन सबका राहुल गांधी और कांग्रेस को जवाब देना चाहिए।

पीयूष गोयल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली और विजय माल्या की मुलाकात पर कहा कहा कि चलते फिरते कोई व्यक्ति क्या बोलता है उस पर कोई विश्वास कैसे कर सकता है। पूनिया (पीएल पूनिया) जी ये भी बतायें कि वो क्या कर रहे थे वहां सेंट्रल हॉल में। मुझे लगता है कि वह खुद दबाव में बोल रहे हैं। वो कभी कहते हैं कि बैठकर बात कर मुलाकात हुई, तो कभी कहते हैं खड़े होकर बात कर रहे थे। पीयूष गोयल ने कहा कि इस्तीफा तो राहुल गांधी को देना चाहिए, उनके समय जो गड़बड़ियां हुई उसे लेकर।

इससे पहले भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि एक बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रेस से कहा था हम लोगों को किगफिशर को मुश्किलों से निकलना होगा। आखिर किंगफिशर के साथ ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है।’ उन्होंने कहा कि विजय माल्या सिविल एविएशन स्टैंडिंग समिति का सदस्य भी था। पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ चाय पर मीटिंग के बाद वह लोन दिलाने में मदद के लिए धन्यवाद पत्र लिखते हैं।

माल्या वाले इस पचड़े में स्वामी भी कूदे। अगले पेज पर देखें उन्होंने क्या कहा।