लैंगिक समानता के लिए 35 लाख महिलाओं ने बनाई 620 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला


समाज में लैंगिक समानता को कायम रखने और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की हिफाजत के लिए केरल में 35 लाख महिलाओं ने मानव श्रृंखला बनाई।
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तिरुवनंतपुरम। समाज में लैंगिक समानता को कायम रखने और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की हिफाजत के लिए केरल में 35 लाख महिलाओं ने मानव श्रृंखला बनाई। 14 जिलों से होकर गुजरने वाले राजमार्गों पर इन महिलाओं ने 620 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर सबको चौंका दिया। सबरीमाला में सदियों पुरानी परंपरा का संरक्षण करने का संकल्प लेते हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के अयप्पा ज्योति प्रज्जवलित करने और कासरगोड से कन्याकुमारी के बीच कतारबद्ध होने के कुछ दिनों बाद इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं, पुरूषों ने भी महिलाओं के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए एक अन्य मानव श्रृंखला बनाई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के निर्णय को सीपीआई समर्थित एलडीएफ सरकार के लागू करने वाले फैसले के बाद हुए विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में यह मानव श्रृंखला बनाई गई।

कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने समाज सुधारक अय्यनकाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सीपीआई पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात और बीकेपी नेता ऐनी राजा ने भी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कासरगोड में महिला मानव श्रृंखला का नेतृत्व किया। सरकारी कर्मचारियों और टेक्नोपार्क कर्मचारियों को भी इसमें शामिल होने को कथित तौर पर कहा गया था, जिस पर मुख्य विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने इसे जातीय और विरोधाभासों की दीवार कहा।

– ईएमएस