31 को सेवानिवृत्त होंगे आईबी प्रमुख इब्राहिम


नई दिल्ली। देश के खुफिया ब्यूरो पहले मुस्लिम निदेशक सैय्यद आसिफ इब्राहिम (६२) ३१ दिसम्बर को सेवानिवृत्त होने जा रहे है। इब्राहिम के दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान आईबी ने भारतीय सुरक्षा एजेंसी के लिए सिरदर्द बने आतंकी माड्यूल को नष्ट किया एवं कई खतरनाक आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। एक अधिकारी के मुताबिक कार्यकाल के आखिर के कुछ दिनों में भी इब्राहिम उतना ही व्यस्त रहते है। इब्राहिम के निदेशक पद पर रहते हुए आईबी ने यासीन भटकल एवं अहतर उर्पâ हड्डी को नेपाल से भारत लाने में सफलता प्राप्त की थी। तहसीन अख्तर उर्पâ उर्पâ मोनू को भी गिरफ्तार किया गया। मोनू के पाकिस्तानी साथी वकास को ढाका से पकड़ा गया। इनकी गिरफ्तारियों से देश में आईएम का नेटवर्वâ काफी हदतक ध्वस्त हुआ है। बोध गया एवं पटना में विस्फोट के मुख्य आरोपी हैद अली को उसके साथियों सहित आईबी ने गिरफ्तार किया था। बीस वर्षों से अधिक समय से वांछित अब्दुल करीम टुंडा को सलाखों के पीछे भेजने में आईबी ने इब्राहिम के कार्यकाल में ही सफलता हासिल की। यहां तक कि पंजाब में विस्फोट एवं हत्या के आरोपी रमन दीप सिंह को भारत लाया गया। आईबी अधिकारी के मुताबिक इब्राहिम ने इसरत जहां मामले में एक वरिष्ठ आईबी अधिकारी को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार करने का विरोध किया था।