हाई स्पीड ट्रेनों को निजी क्षेत्र को सौंपने की तैयारी


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विगत दिवस भले ही रेलवे के निजीकरण से इंकार किया है। दरअसल, भारी विरोध के कारण वेंâद्र सरकार ने रेलवे में आंशिक निजीकरण करने का मन बनाया है।
रेल मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो हाई स्पीड लंबी दूरी की ट्रेनों को निजी क्षेत्रों में सौंपने का प्रस्ताव तैयार हो गया है। लंबी दूरी की हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन में निजी क्षेत्र के कई प्रस्ताव रेल मंत्रालय को प्राप्त हुए थे। निजी क्षेत्र की रुचि भी कम खर्च में ज्यादा लाभ कमाने के लिए लंबी दूरी की हाई स्पीड ट्रेन का परिचालन खर्च सबसे कम है।
रेल मंत्रालय महत्वाकांक्षी तेज रफ्तार परियोजना के वित्त पोषण के लिए निजी निवेशकों या विदेशी एजेंसियों को हिस्सेदार बनाने पर विचार कर रहा है।
तेज रफ्तार परियोजनाओं को लागू करने के लिए हिस्सेदार के चयन के लिए रेल मंत्रालय वैâबिनेट नोट लाने का रहा है। पहले चरण में ९ चिन्हित मार्गो पर सेमी हाई स्पीड ट्रेन शुरू की जाए। इन ट्रेनों में से पहले चरण में दिल्ली व आगरा के बीच सेवा जल्द शुरू हो सकती है। अगले चरण में ५३४ किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद व दिल्ली व चेन्नई मार्ग पर तेज रफ्तार रेल सेवा शुरू की जाएगी। रेल मंत्रालय की चिंता का प्रमुख कारण मौजूदा रेल नेटवर्वâ व परिचालन को दुरुस्त कर उसे घाटे से उबारना है।