भाजपा के लिए जाता हुआ साल रहा शुभ


नई दिल्ली। जाता हुआ साल भाजपा के लिए काफी शुभ रहा है। उसने न केवल पहली बार लोकसभा में अपने दम पर पूर्ण बहुमत पाया बल्कि एक के बाद एक विधानसभाओं में भी अपने परचम गाड़ते हुए कांग्रेस को पीछे धकेल कर वह देश की प्रमुख राजनीतिक शक्ति बन गई।कर्नाटक के रूप में दक्षिण भारत में अपनी पहली और एकमात्र सरकार २०१३ में गंवाने के बाद भाजपा ने २०१४ के पहले राउंड में हुए राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज की।
इन तीनों राज्योें में पहले से भी अच्छे प्रदर्शन के साथ विजय प्राप्त करने से उत्साहित भाजपा नेतृत्व ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा उछाला। इसके बाद नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा ने ऐसी जीत दर्ज की जो इससे पहले कांग्रेस के अलावा कोई पार्टी नहीं अर्जित कर सकी। भाजपा ने न केवल पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल किया बल्कि खंडित जनादेश के चलते केन्द्र में ३० साल से चली आ रही ‘गठबंधन सरकार की मजबूरी’ को भी समाप्त कर दिया।
भाजपा के लिए इस साल की शुरूआत ही नहीं अंत भी भला साबित हुआ। महाराष्ट्र और हरियाणा को जीत कर वहां अपनी सरकारें बनाने के बाद इसने साल बीतते बीतते झारखंड में भी उसने जीत का झंडा गाड़ दिया।
यही नहीं, जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में वह २८ सीट जीतने वाली पीडीपी के बाद २५ सीट जीतते हुए दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी। इस राज्य में भी उसने अपने अब तक के इतिहास में सबसे अधिक सीट बटोरी हैं। वह अब वहां सरकार बनाने की दौड़ में शामिल है।