धर्मांतरण के मुद्दे पर भाजपा लेगी जनता की राय


नई दिल्ली । संसद के भीतर और बाहर धर्मांतरण के मुद्दे पर घिरी मोदी सरकार अपने बचाव में संघ के साथ मिल कर काम करेंगे। इस मुद्दे पर भाजपा जनता का राय लेने की कोशिश भी करेगी और इसके बाद अगर जरूरी हुआ तो कानून बनाएगी।

संसद के शीतकालीन सत्र समाप्त होने के एक दिन पहले भाजपा और आरएसएस के शीर्ष नेताओं ने परिवहन मंत्री गडकरी के आवास पर इस मामले पर विचार -विमर्श किया। इस बैठक में तीन मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा हुई। धर्मांतरण के अलावा संसद में अटके विधेयकों और भाजपा नेताओं के विवादित बयानों पर भी चर्चा की गई। इसमें यह तय किया कि इन विधेयकों के बारे में जनता को बताया जाएगा। यह भी बताया जाएगा कि ये विधेयक िकतने जरूरी थे और इन्हें विपक्ष द्वारा लटकाने के कारण जनता को किस तरह का नुकसान उठाना पड़ेगा।

संघ और भाजपा के नेता मिलकर धर्मांतरण जैसे मुद्दे पर जनता का मूड भांपने की कोशिश भी करेंगे। वहीं संघ और भाजपा से जुड़े भगवा नेताओं के आए विवादित बयानों के बारे में ये तय किया गया कि नेताओं को पूरी तरह मना किया जाएगा कि इस तरह के बयान न दें। भाजपा के नेताओं का मानना था कि धर्मांतरण को लेकर हो रहे विवाद के कारण सरकार चलाने में दिक्कत आ रही है। खासतौर पर धर्मांतरण को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आ रही खबरों को लेकर केंद्र सरकार को ंिचता है क्योंकि अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत की यात्रा पर आ रहे हैं।