घाटी में चिलाई कलान समय से पहले, पारा उतरेगा


  • उत्तरी भारत में भी शीत लहर का कहर जारी

नई दिल्ली / श्रीनगर। उत्तरी भारत में शीत लहर का कहर जारी है। रविवार को पारा और उतर गया। नई दिल्ली में भी लोग आग तापते और गरमा गरम चाय की चुस्‍कियों लेते दिखे। उधर जम्मू-कश्मीर में मौसम की सबसे ठंड अवधि जिसे चिलय कलान भी कहा जाता है, उसकी शुरूआत हो गई है। यह ४० दिनों की समयावधि होती है और इसीके भाग स्वरूप नये सिरे से बर्फबारी भी शुरू हो गई है। ठंड के इस नये दौर से रोज कमा कर खाने वाली आबादी की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। घाटी में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे उतर गया है। इस वर्ष चिलाई कलान समय से पहले हो गया है और इससे आशंका है कि तापमान औसत से भी नीचे जा सकता है।

घाटी में बाढ़ग्रस्तों का हाल और भी बूरा

ठंड के इस कहर का सर्वाधिक प्रभाव उन बेघरों पर पड़ा है जो पिछले सितम्बर महीने में आई बाढ़ के चलते शिविरों और कच्चे टेंटों में रहने को विवश हैं। दशकों में आई बाढ़ रुपी भयंकर वि‌भिषिका के बाद अब ठंड इन लोगों की परीक्षा ले रही है। एक ऐसे ही पीड़ित इमरान का कहना है कि ८२ परिवार अब भी बूरे हालात में रह रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार ने उन्हें छः महीनों में मुफ्त खाना व पानी देने का वादा किया था, लेकिन वे इस प्रकार की किसी भी सहायता से वंचित हैं। ऊपर से ठंह बड़ा कहर बरपा रही है।