गौरी लंकेश हत्याः जानिये क्या बोला गिरफ्तार वाघमारे


एसआईटी ने पिछले दिनों कर्नाटक के विजयपुरा से किया गिरफ्तार

धर्म की रक्षा करने के खातिर मैंने पत्रकार गौरी लंकेश को मारा : परशुराम वाघमारे

एसआईटी ने पिछले दिनों कर्नाटक के विजयपुरा से किया गिरफ्तार

बेंगलुरु (ईएमएस)। कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने परशुराम वाघमारे को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने आरोपी वाघमारे को उत्तर कर्नाटक के विजयपुरा जिले से गिरफ्तार किया। एसआईटी का दावा है कि पूछताछ में वाघमारे ने लंकेश की हत्या की बात कबूल ली है। आरोपी वाघमारे ने जांच टीम को बताया है कि हत्या से पहले यह पता नहीं था कि वह किसे मार रहा है। घटना 5 सितंबर 2017 की है जब बेंगलुरु के पॉश इलाके आरआर नगर में लंकेश को उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई। हमले में उनपर 4 गोलियां दागी गई थीं जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। एसआईटी के सूत्रों ने वाघमारे की कबूल की गई कुछ बात जाहिर की। पूछताछ के दौरान वाघमारे ने कहा, मई 2017 में मुझे कहा गया कि अपने धर्म की रक्षा के लिए हमें किसी को मारना है। मैं इसके लिए राजी हो गया। तब तक मुझे यह पता नहीं था कि किसे मारना है। अब लगता है कि मुझे किसी महिला को नहीं मारना चाहिए था।

वाघमारे ने बताया है कि 3 सितंबर को बेंगलुरु लाया गया। इसके पहले उसने बेलगावी में एयरगन चलाने की ट्रेनिंग ली थी। वाघमारे ने कहा,सबसे पहले मुझे एक घर में ले जाया गया। कुछ देर बाद एक बाइक सवार आया और मुझे वह घर दिखाने ले गया जहां मुझे किसी को मारना था। अगले दिन बाइक सवार मुझे बेंगलुरु के किसी और घर में ले गया। एक दूसरा शख्स मुझे बाइक से आरआर नगर के एक मकान में छोड़ गया। मुझे गौरी लंकेश को आज-आज में मारने की बात कही गई लेकिन लंकेश उस दिन घर से नहीं निकलीं। जिसके बाद 5 सितंबर को शाम 4 मुझे मुझे बंदूक दी गई। शाम को ऑफिस से लौटते वक्त लंकेश कार का दरवाजा खोलकर बाहर निकलीं, मैंने उन पर चार गोलियां दाग दीं। मैं और बाइक सवार अपने रूम पर लौटे और उसी रात शहर छोड़ दिया। दूसरी ओर, अखबार ने वाघमारे को श्री राम संगठन का कार्यकर्ता बताया है। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में लंकेश हत्याकांड को लगभग सुलझ जाने के करीब बताया है। अखबार ने वाघमारे के बारे में लिखा,वाघमारे श्री राम सेने का कार्यकर्ता है जो कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा पर के नगर सिंडगी जिला विजयपुरा का रहने वाला है। हत्यारों में वाघमारे की पहचान हुई थी। इस घटना के चश्मदीद गवाह ने हत्या में शामिल वाघमारे के अलावा एक और आरोपी की पहचान की थी जब वे बिना चेहरा ढके लंकेश के घर के सामने खड़े थे।

गौरी लंकेश की हत्या में शामिल वाघमारे से हमारा कोई संबंध नहीं: श्रीराम सेना

बेंगलुरु (ईएमएस)। कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा गिरफ्तार किए गए परशुराम वाघमारे पर कर्नाटक में सियासी उठापटक मची हुई है। दरअसल एक अग्रेंजी अखबार में छापी खबर के अनुसार परशुराम को श्रीराम सेना का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। वहीं श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक ने साफ कह दिया है कि परशुराम से हमारे संगठन का कोई संबंध नहीं है। मुथालिक ने कहा,मैं नहीं जानता कि परशुराम ने एसआईटी के सामने क्या कहा, बहुत सारे लोग मेरे साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, किसी के साथ फोटो खिंचवाने से कोई संगठन का कार्यकर्ता नहीं बन जाता। श्रीराम सेना का परशुराम से कोई संबंध नहीं है।

बता दें कि कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने परशुराम वाघमारे को गिरफ्तार किया है। इस हफ्ते के शुरुआती दिनों में एसआईटी ने आरोपी वाघमारे को उत्तर कर्नाटक के विजयपुरा जिले से गिरफ्तार किया। एसआईटी का दावा है कि पूछताछ में वाघमारे ने लंकेश की हत्या की बात कबूल ली है। उसने जांच टीम को बताया है कि हत्या से पहले यह पता नहीं था कि वह किसे मार रहा है।