कांग्रेस ने पीडीपी को बिना शर्त समर्थन देकर भाजपा को दिया झटका


  • ० जम्मू–कश्मीर में सरकार बनाने को जोड़-तोड़ जारी
    जम्मू/कश्मीर । जम्मू–कश्मीर में कांग्रेस ने पीडीपी को बिना शर्त समर्थन देने की पेशकश करके भाजपा को जोर का झटका दिया है। मुख्यमंत्री पद पर भाजपा के प्रस्ताव को पीडीपी द्वारा नामंजूर किए जाने के बाद कांग्रेस ने यह घोषणा की है। राज्य में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पीडीपी ६ साल तक सीएम का पद अपने पास रखे, हमारा बिना शर्त समर्थन पीडीपी को है।
    आजाद ने कहा, ‘मुफ्ती साहब को भाजपा के दबाव में नहीं आना चाहिए, मैं कांग्रेस का लिखित में समर्थन उन्हें देने को तैयार हूं। भाजपा सरकार बनाने के लिए सौदेबाजी न करे और न ही पंâड देने के नाम पर पीडीपी के ऊपर दबाव बनाए।’ सूत्रों के अनुसार इससे पहले भाजपा ने पीडीपी को ३ साल के सीएम रोटेशन फॉर्मूले का प्रस्ताव दिया था जिसे पीडीपी ने खारिज कर दिया है। इसके बाद कांग्रेस ने पुरजोर तरीके से एक बार फिर से पीडीपी को अपने समर्थन की बात दोहराई है। भाजपा के साथ बातचीत सफल न रहने के कारण पीडीपी भी अपनी धुर विरोधी नेशनल कॉन्प्रेंâस और कांग्रेस के साथ महागठबंधन करने की तैयारी में है। इस बीच पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के मुद्दे पर बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात करेंगी। वोहरा ने राज्य में सरकार गठन के मसले पर विचार विमर्श के लिए शुक्रवार को महबूबा और बीजेपीप्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा को अलग-अलग बातचीत के लिए बुलाया था।
    दूसरी ओर, मुाqस्लम बहुल राज्य में सत्ता में आने के प्रयास कर रही पीडीपी ने भाजपा के अलावा नेशनल कॉन्प्रेंâस के साथ भी बात की है, पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने नेशनल कॉन्प्रेंâस और कांग्रेस के साथ महागठबंधन को भी एक विकल्प बताने संबंधी संकेत दिया है। हालांकि, ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकती है, जिसके लिए पीडीपी ने कड़ी शर्तें लगा दी है। इसके पहले चुनाव में भाजपा की प्रचार समिति के अध्यक्ष रहे विधायक निर्मल िंसह ने नई दिल्ली में सोमवार रात कहा था कि उनकी पार्टी अन्य दलों से बातचीत कर रही है और सभी विकल्प खुले हैं। वहीं दूसरी ओर पीडीपी के संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को राज्य में सरकार गठन की सभी संभावनाओं पर जानकारी जुटाने के लिए अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाने को कहा है।
    इसके पहले सोमवार को पार्टी नेताओं को फरमान जारी कर उनसे चुनाव बाद के परिदृश्य समेत नीतिगत मुद्दों पर मीडिया से बातचीत में परहेज करने को कहा है। पार्टी ने नेशनल कॉन्प्रेंâस के महासचिव अली मोहम्मद सागर, जम्मू और कश्मीर प्रांतीय अध्यक्षों देवेन्द्र िंसह राना व नासिर असलम वानी के साथ ही प्रवक्ता जुनैद आजिम मट्टू को पार्टी की ओर से नीतिगत मुद्दों पर पार्टी का रूख रखने के लिए अधिकृत किया गया है, जिनमें चुनाव बाद का परिदृश्य और पार्टी का रूख भी शामिल है।