एनजीओ से शिकायत के लिए ऑनलाइन सुविधा का सृजन: मंत्री मेनका गांधी


दिल्ली (ईएमएस)। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के भागीदार गैर-सरकारी संगठनों के पहले सम्मेलन का आज नई दिल्ली में आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने ‘महिलाओं और बच्चों के लिए नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों आगे की राह’ नामक सम्मेलन का उद्घाटन किया। पूरे देश के विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के १३० से अधिक प्रतिभागियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। जिसका उद्देश्य महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में संवेदनशील बनाना और अपने अनुभवों तथा विचारों को साझा करने का अवसर प्रदान करना था।

श्रीमती मेनका संजय गांधी ने कहा कि एनजीओ बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं क्योंकि सरकार की अनेक योजनाएं, कार्यक्रम और नीतियां जमीनी स्तर पर एनजीओ की सहायता से लागू की जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ, बेटी पढाओ, महिला हेल्पलाइन, महिलाओं के लिए राष्ट्रीय नीति, तस्करी के खिलाफ विधेयक, बाल दुव्र्यवहार के खिलाफ राष्ट्रीय गठबंधन और ऐसी अन्य अनेक पहलें शुरू की हैं। उन्होंने एनजीओ से इन पहलों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ बेहतर आपूर्ति के लिए अपने सुझाव देने का अनुरोध किया। मेनका गांधी ने कहा कि प्रधान मंत्री द्वारा शुरू की गई महत्वपूर्ण योजना बेटी बचाओ, बेटी पढाओ ने एक शानदार सफलता दर्शायी है क्योंकि १६१ बीबीबीपी जिलों में से १०४ में जन्म के समय लिंग अनुपात में बढ़ती प्रवृत्ति को देखी गई है।

यह लोगों के रूख में स्पष्ट परिवर्तन को दर्शाता है। उन्होंने एनजीओ से योजना की आगे सफलता को सुनिश्चित करने के लिए आगे आने को कहा। श्रीमती मेनका संजय गांधी ने प्रतिभागियों के साथ आधे घंटे तक बातचीत की जिसमें  उन्होंने जमीनी स्तर विभिन्न मुद्दों और समस्याएं के बारे में प्रकाश डाला। मंत्रालय प्रतिभागियों द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार सरपंच और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले से ही प्रशिक्षण दे रहा है। महिलाओं और बाल विकास के क्षेत्र में एनजीओ के लिए जल्द ही ऑनलाइन सुविधा जुटाई जाएगी ताकि वे अपनी शिकायतें और मुद्दों को उठाने में समर्थ हो सकें।