चुनाव आए नजदीक, चौकन्ना हुआ चुनाव आयोग। जानें क्या कदम उठाए


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चुनाव नज़दीक आ रहे हैं तथा उसी के साथ चुनाव प्रचार भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आचार संहिता का पूर्ण अमल होना भी आवश्यक है। यदी आचार संहिता का सही तौर पर ध्यान नहीं रखा गया तथा लापरवाही बर्ती गई तो इसका खामियाज़ा पूरे देश को 5 साल तक भुगतना पड़ सकता है। इसलिए चुनाव आयोग जोर-शोर से तैयारियों में जुट गया है।

23 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव तक आचार संहिता के व्यवस्थित पालन के लिए गुजरात चुनाव आयोग ने 5500 मतदान केंद्रों की चल रही गतिविधियों का वेबकास्टिंग करने का निर्णय लिया है। लाइव वेबकास्टिंग की जानकारी देते गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी एस मुरली कृष्ण ने कहा कि इससे चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके साथ, गुजरात के सभी 33 जिलों को 24 घंटे तथा सातों दिन के लिए चालू निरंतर चालु रहने वाला नियंत्रण रूम शुरू कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आचार संहिता का सख्ती से अमल किया जा सके इसलिए 563 फ्लाइंग स्क्वाड, 368 वीडियो निगरानी टीम और 207 वीडियो देखने वाली टीम का गठन किया गया है। गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुरली कृष्ण ने आज गांधीनगर में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद, इन सभी टीमों को बनाया गया और कार्यरत कर दिया गया है। इसके अलावा, गुजरात में 11 हवाई अड्डों पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की गई है। ये इकाइयां आयकर अधिकारियों के साथ समन्वय में काम करेंगी।

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की निगरानी का काम भी आयोग करेगा। उम्मीदवारों के खर्च की निगरानी के लिए 26 एकाउंटिंग दल भी बनाए गए हैं। चुनाव खर्च की निगरानी के लिए जिला तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।

एकाउंटिंग समिति में पुलिस, आबकारी और नशामुक्ति विभाग के अधिकारियों और आयकर विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारियों को स्थान दिया गया है। उम्होने बताया कि लोकसभा सीट के प्रत्येक विभाग के लिए सहायक व्यय निरिक्षक की नियुक्ती की गई है।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को रैली के लिए एक सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित किया गया है, जिसे बैठक के लिए मंजूरी मिल गई है। आचार संहिता का सख्ती से अमल हो इसके लिए 56,457 सार्वजनिक भवनों और 4186 निजी भवनों से होर्डिंग्स हटा दिये गये है। इसमें बैनर, होर्डिंग, पोस्टर, दीवार पर लिखना शामिल है। गुजरात में अब तक आचार संहिता के उल्लंघन की चार शिकायतें आई हैं। उनमें से तीन में जांच के बाद कोई तथ्य नहीं पाया गया है। और एक शिकायत अभी भी जांच के दायरे में है।

लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता के सख्त अमलीकरण के साथ पुलिस भी सक्रीय हो गई है तथा शराबबंदी कानून के तहत 1827 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी तरफ से 1,86,640 रुपये की देसी शराब जब्त की गई है। साथ ही भारतीय रुपये की विदेशी मुद्रा( नकली नोट) लगभग रु. 1,06,62,640 की राशि जब्त की गई है। उनकी गाड़ियां और अन्य सामान कुल मिलाकर रु. 1,64,21,905 रुपये की शराब और कीमती सामान जब्त किया गया है।