गुजरात : प्रवासियों के हमलावरों पर 35 प्राथमिकियां दर्ज, 450 गिरफ्तार


8 अक्टूबर 2018 की तस्वीर, जिसमें अहमदाबाद से बस के द्वारा अपने वतन की ओर रवाना होते उत्तर भारतीय। एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद तनाव की स्थिति पैदा हुई। (Photo: IANS)

गांधीनगर| गुजरात में रहने वाले प्रवासियों पर किए गए हमलों को लेकर पुलिस ने 35 प्राथमिकियां दर्ज की हैं और लगभग 450 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदेश के गृहमंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक बच्चे से दुष्कर्म के बाद, यहां प्रवासी मजदूरों, खासकर उत्तर भारत से आने वालों पर व्यापक हमले हुए। दुष्कर्म के लिए प्रवासी समुदाय को जिम्मेदार माना जा रहा है।

जडेजा ने कहा,

राज्य में उत्तर भारतीय प्रवासियों पर हमले के मामलों में हमने 35 मामले दर्ज किए हैं और अबतक लगभग 450 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है तथा उनसे पूछताछ जारी है।”

उन्होंने संवाददाताओं को बताया, “स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अबतक की अपनी कार्यवाही से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है।”

उन्होंने कहा, “गुजरात की जनता द्वारा ठुकराए गए लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकते हैं। गुजरात पुलिस भी इस अत्याचार के पीछे के मुख्य दोषी को पकड़ने का प्रयास कर रही है।”

जडेजा ने कहा, “मैं जनता से राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए लोगों को भड़काने वालों के बहकावे में नहीं आने की अपील करता हूं।”

जडेजा हालांकि अपने प्रदेश लौटे प्रवासियों का स्पष्ट ब्योरा नहीं दे सके, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि जो लोग अभी भी गुजरात में हैं, वे सुरक्षित हैं।

जडेजा ने आईएएनएस को बताया,

हमने पुलिस अधिकारियों से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जाने वाले नियमित परिवहन साधनों की जांच करने तथा इस सप्ताह ऐसे स्थानों को जाने वालों की गिनती भी करने के लिए कहा है।”

प्रवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए हैं।

उत्तर भारतीय प्रवासियों पर हमले की घटनाएं अहमदाबाद से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित हिम्मतनगर कस्बे के निकट एक गांव में 14 वर्षीय एक लड़की का दुष्कर्म होने के बाद शुरू हुई है।

पुलिस ने इस अपराध के लिए बिहार के एक मजदूर रविंद्र साहू को गिरफ्तार किया था। साहू एक स्थानीय कारखाने में काम करता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है।

उन्होंने राजकोट में कहा,

पिछले 48 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। अब स्थिति नियंत्रण में है। हम कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम लोगों से हिंसा में शामिल नहीं होने का आग्रह करते हैं।”

जडेजा ने कहा, “प्रवासी मजदूरों और प्रदेश में काम कर रहे गैर-गुजराती लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। आपकी सुरक्षा और देखभाल हमारी जिम्मेदारी है। हम प्रदेश की छवि धूमिल करने वाले तत्वों के हाथों शांति भंग नहीं होने देंगे।”

–आईएएनएस