गुजरात : चुनाव प्रचार में दिग्गजों को उतारने की पैरवी में कांग्रेस-भाजपा


चुनाव आए भई चुनाव आए, सभी लोग कमर कस लो तथा सोच समझ कर निर्णय ले लो के इस बार कौनसी सरकार आपके सपनों को साकार करने में काबिल रहेगी। चुनाव प्रचार का मौसम आया, चुनाव के लिए कई वादे किये जाएंगे। चुनावी दलों ने अपनी कमर कस ली है आप भी कस लीजीये। किसी छोटे बड़े लालच में अपना वोट गवांना नहीं, अपने 5 वर्ष असुरक्षित करने नहीं। सोच समझकर सही निर्णय लेना है।

चुनाव आयोग की घोषणा के बाद कांग्रेस ने जोरदार ढंग से चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है। अहमदाबाद में आयोजित कांग्रेस की जनसभा भी चुनाव प्रचार का एक हिस्सा थी। अब यहां भाजपा द्वारा भी चुनाव प्रचार शुरू किया जा रहा है। चुनाव में किस प्रकार उम्मीदवार को मैदान में उतारना है इसको लेकर अलग-अलग लोकसभा सीट को लेकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के विचार लेने की प्रक्रिया शुरू की है

एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो दिन पहले हुई बीजेपी की बैठक में चर्चा हुई थी कि पीएम की सभा दो लोकसभा सीटों के लिए होगी या प्रति तीन सीटों के लिए पीएम की सभा होगी। तब यह निर्णय लिया गया कि तीन लोकसभा सीटों के लिए एक रोड-शो और महासभा के आयोजन से अधिक लाभ प्राप्त होगा। इसके अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी 6 सभा करने वाले हैं, ऐसा भी तय किया गया है।

चुनाव प्रचार के लिए भाजपा की रणनीति तैयार की जा रही है, भाजपा के 40 से अधिक राष्ट्रीय नेताओं को पर-प्रांतीय मतदाताओं के वोट हांसिल करने के लिए गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए बुलाया जा सकता है।

भाजपा के अलावा, राज्य कांग्रेस ने भी चुनाव प्रचार रणनीति तैयार की है। कांग्रेस की रणनीति के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी फिर से चुनाव प्रचार के लिए गुजरात आएंगे। गुजरात के विभिन्न जिलों में चुनाव संबंधी लगभग 10 जनसभाएं होंगी। कांग्रेस 4 क्षेत्रों में 2-2 जनसभाएं करेगी। जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता शामिल होंगे और जनता को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, गुजरात प्रदेश कांग्रेस द्वारा 100 से अधिक जनसभाएं विधानसभा सीटों के लिए की जाएंगी। इसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि इस साल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेताओं ने गुजरात को केंद्र में रखा है। इसके कारण गुजरात के चुनाव प्रचार में कांग्रेस द्वारा अधिक ध्यान दिया जाएगा।