राहुल के दौरों के जवाब में बीजेपी का काउंटर प्लान


मोदी करेंगे 50 जनसभाओं को संबोधित

रामविलास पासवान और भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में दो सौ दलित और पिछड़े नेता संभालेंगे मोर्चा

अहमदाबाद (ईएमएस)। गुजरात की सियासी रणभूमि में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे का मुकाबला चल रहा है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नवसजृन यात्रा के जरिए मैराथन दौरे करके पार्टी में नई जान फूंकी है। उसने बीजेपी के दुर्ग में उसे मात देने के लिए जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। इसके जवाब में बीजेपी ने काउंटर प्लान तैयार किया है। वह अपनी बादशाहत को बरकरार रखने के लिए गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करीब 50 रैलियों के साथ-साथ दो सौ ओबीसी और दलित नेताओं की फौज को भी उतारने की तैयारी में है।

बता दें कि कांग्रेस ने गुजरात की सियासी बाजी जीतने के लिए ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर को गले लगाया, तो दलित नेता जिग्नेश मेवाणी का समर्थन लिया। उसने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के जरिए बीजेपी के परंपरागत वोटरों में सेंधमारी करने की भी कोशिश की है। इसके जवाब में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी की करीब 50 रैलियां कराने की योजना बनाई है। नवंबर के आखिरी सप्ताह से नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां शुरू हो जाएगी। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में उनके रोड शो करने की योजना है। गुजरात के सभी जिलों में मोदी की दो रैलियां कराने की योजना है।

राज्य में कुल 33 जिले और 182 विधानसभा सीटें हैं। मोदी की करीब 50 रैलियों का प्लान है। उनकी एक रैली के जरिए तीन से चार विधानसभा सीटों को टारगेट किया जा रहा है। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के करीब दो सौ ओबीसी और दलित नेताओं को भी गुजरात प्रचार में उतारने का फैसला किया है। ये नेता ओबीसी और दलित क्षेत्रों में घर-घर जाकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि गुजरात में ओबीसी मतदाता करीब 52 फीसदी हैं, जो राज्य की करीब 80 से 85 विधानसभा सीटों पर प्रभाव रखते हैं।

गुजरात में सात फीसदी दलित मतदाता हैं, जो ऊना घटना के बाद बीजेपी से नाराज हैं। ऐसे में बीजेपी ने दलित नेताओं को भी गुजरात में उतारने की तैयारी की है। दलित चेहरा राम विलास पासवान को गुजरात में उतार दिया गया है, जबकि ओबीसी चेहरे के तौर पर भूपेंद्र यादव मैदान में हैं।