हृदय रोग से जूझ रहे हैं तो धूप के संपर्क में रहें, ऐसा मिलेगा लाभ


नई दिल्ली (ईएमएस)। क्या आप हृदय रोग से जूझ रहे हैं? तो आपके लिए विटामिन डी-3 से मदद मिल सकती है। नए शोध का दावा है कि यह दिल को दुरुस्त करने या क्षति से बचाने में मददगार हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज सहित कई बीमारियों और धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट (वसा) के जमा होने से हृदय को नुकसान पहुंचता है। इसमें हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। हड्डियों से संबंधित विटामिन डी-3 की उच्च खुराक लेने से फायदा हो सकता है। वैसे धूप में रहने के दौरान विटामिन डी3 स्वभाविक रूप से शरीर में बनता रहता है। शोधकर्ता टेडेयूज मालिंस्की ने कहा,आमतौर पर विटामिन डी3 का उपयोग हड्डी रोग के उपचार में किया जाता है। लेकिन हाल के अध्ययनों से ऐसे कई लोगों में विटामिन डी3 की कमी पाई गई जिन्होंने हार्ट अटैक का सामना किया था।इसका यह मतलब नहीं है कि विटामिन डी3 की कमी से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है लेकिन यह इसके खतरे को बढ़ा सकता है।’
हृदय रोग से बचाव में विटामिन डी की उच्च खुराक मददगार साबित हो सकती है। नए शोध में पाया गया है कि विटामिन डी की कमी से जूझ रहे मोटापे से पीडि़त वयस्कों को इसकी उच्च खुराक देने से धमनी की कठोरता में कमी लाई जा सकती है। यह हृदय रोग की बड़ी वजह मानी जाती है। हृदय रोग मौत की प्रमुख वजह है। इससे 2015 में दुनियाभर में 1.77 करोड़ लोगों की मौत हो गई थी।
हृदय रोग विशेषज्ञ यानबिन डोंग ने कहा कि धमनी की दीवारों का कड़ा होना और विटामिन डी की कमी का हृदय रोग में योगदान हो सकता है। नतीजों से जाहिर हुआ है कि चार माह तक विटामिन डी की 4,000 इंटरनेशनल यूनिट (आइयू) की उच्च खुराक देने से धमनी के कड़ेपन में 10.4 फीसद तक की कमी लाई जा सकती है। फिलहाल वयस्कों और बच्चों को रोजाना 600 आइयू की खुराक देने की सलाह दी जाती है।