हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार प्रोटीन्स की पहचान


अब इन रोगों का शुरुआत में ही चल जाएगा पता

वाशिंगटन (ईएमएस)। हृदय रोगों के जंजाल में व्यक्ति अगर एक बार फंस जाए तो माना जाता है कि वह हमेशा-हमेशा के लिए बीमार हो गया। एंजियोप्लॉस्टी, बाइपास सर्जरी और कई प्रकार की दवाएं हृदय रोगियों की मजबूरी बन जाती हैं। इधर, हृदय रोग अब साइलेंट किलर के रुप में भी उभरे हैं। अच्छे-खासे लोगों को दिल का दौरा पड़ जाता है और वे चल बसते हैं। मगर अब भारतीय मूल के एक अमेरिकी छात्र ने एक नया शोध किया है। इस छात्र के माता-पिता मूलत: बेंगलुरु के रहने वाले हैं, जो 1972 में अमेरिका चले गए थे। छात्र हार्वर्ड में चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई कर रहा है। उसने अपने शोध में दावा किया है कि हृदय रोगों का मूल कारण वह प्रोटीन्स हैं, जो हमारे शरीर में एकत्रित होते रहते हैं।

अगर समय पर इन प्रोटीन्स की पहचान कर ली जाए और उन्हें खत्म कर दिया जाए तो हृदय रोग होंगे ही नहीं। छात्र ने जब अपना शोध पत्र पढ़ा तो कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सा वैज्ञानिकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। छात्र का दावा है कि उसने एक बैंडेज बनाई है, जिसे कोई भी व्यक्ति अपनी कलाई पर बांध सकता है। यह बैंडेज हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार प्रोटीन्स के बारे में बताएगा। उनको दवाओं से खत्म करके हृदय की आशंका को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा। छात्र ने जो बैंडेज बनाया है, उसकी कीमत मात्र नौ सौ रुपया है।

खास बात यह है कि जो प्रोटीन्स हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार हैं, उनका उपचार भी दूसरे प्रोटीन्स के जरिए ही किया जा सकता है। बता दें कि इस समय हृदय रोगों का खतरा पूरी दुनिया में बढ़ता जा रहा है। भारत भी इसमें पीछे नहीं है। यहां हृदय रोग साइलेंट किलर के रुप में उभरा है। ऐसे में नया शोध है तो काम का।