हीमोग्लोबिन के आधार पर खून का विकल्प तैयार


नई दिल्ली। अब खून की आवश्यकता होनेे पर आपको इधर-उधर भटकने से छुटकारा मिल सकता है। दिल्ली के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने कृत्रिम हीमोग्लोबिन तैयार कर लिया है, जिसे खून की आवश्यकता पडऩे पर इस्तेमाल किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर सुमन कुंडू के नेतृत्व में बायोरसायन विभाग की टीम ने इस खोज को पेटेंट कराने के लिए आवेदन भी कर दिया है। प्रो$ कुंडू के मुताबिक इस खोज के कई लाभ हैं। लेबोरेटरी में खोजे गए कृत्रिम हीमोग्लोबिन सुरक्षित और पोर्टेबल हैं। इसे बनाने में ज्यादा लागत नहीं आती और इसकी निर्माण प्रक्रिया भी जटिल नहीं है। यह लंबी आयु का है और ब्लड ग्रुप की दृष्टि से तटस्थ है। उन्होंने बताया कि खून को ब्लड बैंक में ४० से ५० दिन तक स्टोर करके रखा जा सकता है, जबकि इस खोजे गए विकल्प को लगभग तीन साल तक स्टोर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हर बार खून की मांग को देखते हुए इस विकल्प की खोज की गई है।