स्वस्थ रहना है तो ईर्ष्या से दूर रहो


बिगड़ जाएगी आपकी सेहत

नई दिल्ली (ईएमएस)। अगर आप किसी से ईर्ष्या करते हैं तो तुरंत इस आदत को बदल डालिए। कई बार इंसान को समझ ही नहीं आता कि आखिर वह बार-बार बीमार क्यों पड़ जाता है। अगर थोड़ा गहराई से विचार करेंगे तो इसका कारण पता लग जाएगा। कई लोग स्वास्थ्य संबंधी सभी नियमों का पालन करते हैं, अच्छा खाते हैं, समय पर उठते और सोते हैं, एक्सरसाइज करते हैं पर फिर भी बीमार रहते हैं। दरअसल बीमारी उनके मन में हैं। वे किसी न किसी इंसान से ईर्ष्या करते हैं और मन ही मन कुड़ते हैं। इस कारण से वे खुलकर जी ही नहीं पाते और अपना शरीर भी खराब कर लेते हैं।

यह आदत बहुत लोगों को घेरे रहती है। ईर्ष्या करने वाला व्यक्ति बहुत ज्यादा नकारात्मक होता है। वह खुद को आगे बढऩे का प्रयत्न करता नहीं है और दूसरों की प्रगति के बारे में सोचकर परेशान रहता है। ईर्ष्या के कारण कई बार मन में क्रोध भी आता है। इस कारण मन और शरीर दोनों पर बुरा असर पड़ता है। व्यक्ति ईर्ष्या करके किसी का कुछ नहीं बिगाड़ता, बस अपनी सेहत खराब कर लेता है। ईष्र्या करने से किसी का भला नहीं होता। इस कारण वह कभी स्वस्थ नहीं रह पाता। कई इंसान किसी खास इंसान को देखकर खुश होने की बजाय चिढऩे लगते हैं, हंसना बंद कर देते हैं, मन ही मन बड़बड़ाते हैं। इस सबसे सेहत नहीं बिगड़ेगी तो और क्या होगा।

दूसरों की सफलता और खुशी देखकर चिढऩे की बजाय उसमें शामिल होने का प्रयत्न करना चाहिए और उससे आगे बढऩे की प्रेरणा लेनी चाहिए। अगर ईर्ष्या मन में बसी रही तो आप अपने शरीर में बसी सकारात्मक शक्ति को खो बैठेंगे। आपके माथे पर तनाव की लकीरें ही नजर आएंगी। आप जिस भी इंसान से मिलें, उसके गुणों की तरफ देखें। सच्चे दिल से गुणों की तारीफ करें। ईर्ष्या शरीर में एक प्रकार का जहर घोल देती है। इस जहर के कारण न तो खाया-पिया शरीर के काम आता है और न ही मन में अच्छे विचार आ