रामपत्री पौधे से कैंसर रोगियों का होगा इलाज 


बार्क ने खोजी दवा
मुंबई। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) के वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने कैंसर के इलाज के लिए रामपत्री पौधे से दवा बनाई है जो काफी कारगर है। गौरतलब है कि केंद्र ने इससे पहले बार्क कैंसर के कोबाल्ट थेरेपी उपचार के लिए भाभाट्रोन नाम की मशीन भी बना चुका है। इस मशीन का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में होता है। बताया जा रहा है कि बार्क द्वारा रामपत्री नामक पौधे के अणुओं से बनाई गई कैंसर की दवा काफी असरकारक सिद्ध हो सकती है। फिलहाल इस दवा का परीक्षण चूहों पर किया गया है जिसके बेहतर परिणाम मिले हैं। यह दवा फेफड़े के कैंसर और बच्चों में होने वाले दुर्लभ प्रकार के कैंसर न्यूरोब्लास्टोमा के उपचार में काफी असरदार साबित हो सकती है। बार्क कई वर्षों से औषधीय एवं मसालों के पौधों के अणुओं से कैंसर की दवा बनाने के काम में लगा था। इसी कड़ी में मुंबई के अणुशक्ति नगर स्थित केंद्र ने रेडियो प्रोटेक्टर और रेडियो मॉडिफाइर नाम से दवाएं बनाई हैं। बार्क के बायो साइंस विभाग के प्रमुख एस. चट्टोपाध्याय ने के मुताबिक इन दवाओं के अमेरिकी पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है और जल्द ही पेटेंट मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन दवाओं के प्री-क्लिनिकल ट्रायल हो चुके हैं और मानव शरीर पर परीक्षण के लिए औषधि महानियंत्रक से अनुमति मांगी गई है। रेडियो मॉडिफाइर दवा बंगलूरु की एक औषधि अनुसंधान कंपनी को हस्तांतरित की गई है और जून से मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में इसका क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो सकता है। रामपत्री भारत के पश्चिम तटीय क्षेत्र में पाया जाने वाला पौधा है जिसका वनस्पति वैज्ञानिक नाम मिरिस्टिका मालाबारिका है। इसे पुलाव और बिरयानी में सुगंध के लिए मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।