दवाई खरीदते समय रखे सर्तकता और सावधानी !


राष्ट्रीय २४ दिसम्बर उपभोक्ता दिवस विशेष आलेख

लेखक- हेमेन्द्र क्षीरसागर

दवाई खरीदते समय विशेष जॉच-पडताल कर सर्तक और सावधान रहना चाहिए। क्योंकि दवाई खरीदते समय की जाने वाली एक गलती जीवन रक्षक दवाई को जीवन भक्षक बना सकती है। दवाई मानव जीवन के भविष्य में विशेष महत्वपूर्ण जीवन रक्षक सिद्ध होती हैं, इसीलिए सर्तकता उपयोगी सिद्ध होगी। दवाइयॉं केवल अत्यधिक आवश्यक ही नहीं है अपितु मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाए रखने के लिए अनिवार्य भी है। परन्तु दवाइयों में यदि अपमिश्रण कर दिया जाय तो फिर विशिष्ट स्तर पर की न होने पर ये दवाइयॉं जीवन के लिए भंयकर घातक हो सकती है।
हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (डी सी जी आई ) की अनुशंसा पर शेड्युल एच वन एक्ट लागू कर दिया गया हैं। जिसके तहत् हायर एंटीबायोटिक, एंटी टीबी ड्रग, नींद की गोली सहित अन्य आवश्यक ४८ तरह की दवाई डॉक्टर के पर्चे पर ही विक्रय करने के निर्देश है। जिसके परिपालन में दवा दुकानदारों को निर्धारित दवाई डॉक्टर के पर्चे को देखने के बाद ही विक्रय करना है। विक्रय की दवाओं का बिल देने के साथ ही अलग रजिस्टर में मरीज का नाम, पता, दवा की मात्रा लिखना अनिवार्य है। अब आगे, दवाई खरीदते समय की जाने वाली जॉंच-परख और सावधानीयां उल्लेखित हैं।:-
वह औषधि मिसब्रांडेड मानी जाएगी। यदि :-
इसे इस तरह हासिल आवरित चूर्णित, रंगीन किया गया है, कि उनकी गुणवता की क्षति हुई हो अथवा छिपाई गई हो। उसकी उपचार क्षमता को उसकी वास्तविक क्षमता से काफी बढा चढाकर पेश किया गया हो।
उसे निर्धारित तरीके से लैबल नहीं किया हैं, उसके लैबल, पात्र पर ऐसे वक्तव्य डिजाइन, उपाय अंकित हैं जो औषधि के बारे में छद्म दावे करते हैं, जो गलत व भ्रामक हैं।
औषधि अपमिश्रित मानी जायेगी। यदि :-
उसमें, पूर्ण अथवा आंशिकरूप से कोई गंदा, टूटा-पूâटा अथवा सडा गला तत्व शामिल हैं।
यह अस्वास्थय माहौल मेें तैयार, पैक की गई जिससे वह स्वास्थ्य के लिए हानिप्रद हो गई हो।
इसका पात्र, पूर्ण या आंशिक रूप से किसी विषैले अथवा घातक तत्व से बना हुआ हो, जिससे कि उसकी अंतर्वस्तु स्वास्थ्य के लिए हानिप्रद हो गई हो
उसमें केवल रंगीन बनाने के उद्धेश्य से, ऐसे रंग का इस्तेमाल किया गया हो जो निर्धारित रंगों के अलावा हो।
उसमें कोई खतरनाक अथवा नशीली चीज मिली हुई, हो और उसके फलस्वरूप वह स्वास्थ्य के लिए हानिप्रद हो।
उसमें कोई ऐसी चीज मिलाई गई हो जिससे उसकी गुणवता अथवा सामथ्र्य का हा्रस हुआ हो।
औषधि नकली मानी जायेगी। यदि :-
उसका आयात दूसरी औषधि के नाम किया गया हैं।
वह किसी दूसरी औषघि की अनुकृति, विकल्प है। उससे इस तरह मिलती जुलती है कि व्रेâता के धोखा खाने की संभावना बनी रहे। उसके आवरण, लेबल, पात्र पर दूसरी औषधि का नाम इस प्रकार लिखा हुआ है, कि दूसरी औषधि की तुलना में उसके वास्तविक चरित्र और उसकी असली पहचान को अलग किया जा सका है।
उसके लैबल अथवा पात्र पर किसी व्यक्ति कम्पनी के नाम का उल्लेख इस आशय से किया गया है कि वही उस औषधि का निर्माता है जबकि हकीकत में ये नाम झूठा अथवा अस्तित्व में ही न हो।
यह पूर्ण अथवा आंशिक रूप से, किसी दूसरी औशधि, दूसरे तत्व से प्रतिस्थापित हो चुका हैं।
यह किसी कम्पनी का उत्पाद होने का दावा तो करती है, किन्तु वास्तव में उसका उत्पाद होती नहीं।
औषधि खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानीयॉं-
चिकित्सक के परार्मश के बिना किसी भी दवाई को क्रय व उपयोग नहीं करना चाहिए।
औषधियॉं केवल लाइसेंसधारी विव्रेâता से ही खरीदें व बिल प्राप्त करें। अंकित औषधि न मिलने पर चिकित्सक से सम्र्पक करना चाहिए।
खरीदी गई औषधि पर अंकित अवसान तिथि पर विशेष ध्यान दीजिए। अवसान तिथि समाप्त हो जाने के बाद औषधि का सेवन न करें। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध होगी।
खरीदी गई औषधि पर अंकित बैच नं. तथा बिल पर लिखे बैच नं. का मिलान कर लें। दोनों एक ही होना चाहिए।
औषधि के लेबल पर अंकित निर्धारित दाम से अधिक न दें। बिना लेबल की औषधियॉं न खरीदे और न ही इस्तेमाल करें।
खरीदी गई औषधि के सेवन से पूर्व उसे अपने डॉक्टर को अवश्य दिखाना चाहिए।
औषधियॉं बच्चों की पहुंच से दूर रखते हुए, औशधियों को अधिक नमी, गर्म स्थान पर ना रखे।
नीम-हकीम, झोला छाप डाक्टरो से उपचार न करवाये।
दवाई की पैकिंग त्रुटिग्रस्त नहीं होना चाहिए।
हायर एंटीबायोटिक, एंटी टीबी ड्रग, नींद की गोली चिकित्सक के परार्मश के बिना क्रय व उपयोग नहीं करना चाहिए।
याद रखिये, हम अपने आप में एक विशिष्ट व्यक्ति हैं, हमारी भूमिका हमसे ज्यादा अच्छी तरह से कौन निभा सकता हैं।ठ इसी भूमिका को एक जागरूक उपभोक्ता के रूप में दवाई क्रय करते समय सजगता और सावधानी रखने में निर्वहन करने की आवश्यकता हैं। परिणामस्वरूप हम बनेगें जागरूक उपभोक्ता, एक जागरूक उपभोक्ता ही राष्ट्र की संपत्ति हैं।

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