डायबिटीज को न्यौता देते हैं नॉन स्टिक बर्तन!


लंदन । क्या खाने में ऑयल की मात्रा वंâट्रोल करने के लिए इस्तेमाल में आने वाले नॉन ाqस्टक बर्तन डायबीटीज को न्योता देते हैं? वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में इन बर्तनों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले ऑर्गेनिक वंâपाउंड्स और डायबीटीज में संबंध पाया है। उप्पसाला यूनिर्विसटी की एक अध्ययन दल ने कहा है कि इन बर्तनों को बनाने में इस्तेमाल परफ्लूरीनेटिड वंâपाउंड्स पर्यावरण के लिए जहरीले हैं और खून में इनकी उच्च मात्रा और डायबीटीज में जरूर कोई िंलक है।
इससे पहले यह अध्ययन दल पर्यावरण के लिए जहरीले माने जाने वाले पोqस्टसाइड्स, पैâलेट्स की उच्च मात्रा और डायबीटीज में िंलक कायम कर चुकी है। इस टीम ने यह जांच की है कि क्या नॉन ाqस्टक बर्तनों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले परफ्लूरीनेटिड वंâपाउंड्स के उच्च स्तर और डायबीटीज में कोई िंलक है? इन वंâपाउंड्स का इंडाqस्ट्रयल और वंâस्यूमर प्रॉडक्ट्स में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। मसलन- आग बुझाने का फोम, नॉन ाqस्टक कुकवेयर, ग्रीस, पूâड कॉन्टैक्ट मटीरियल्स आदि। अध्ययन में ७० साल उम्र वाले करीब एक हजार लोगों के ब्लड में ऐसे ७ परफ्लूरीनेटिड वंâपाउंड़्स की मात्रा नापी गई और देखा गया कि उन्हें डायबीटीज है कि नहीं। इनमें से ११४ लोगों को डायबीटीज था। रिसर्च से जुड़े साइंटिस्ट के मुताबिक, इन ७ परफ्लूरीनेटिड वंâपाउंड्स के सभी लोगों में उच्च स्तर पाए गए। इन वंâपाउंड्स में से एक पीएफएनए का डायबिटीज से िंलक था।