महेन्द्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा!


नई दिल्ली। भारतीय टीम के हरफनमौला खिलाड़ी और अब तक सबसे सफल कप्तानों में से एक महेन्द्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उन्होंने औपचारिक रूप से आज सन्यास की घोषणा कर दी। धोनी का कहना है कि वे अब अपना सारा ध्यान टी-२० और एक दिवसीय क्रिकेट पर लगायेंगे। बीसीसीआई ने धोनी को सन्यास लेने पर बधाई देते हुए भविष्य के लिये शुभकामनाएं दी हैं।

गौरतलब है कि ६ जनवरी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत का चौथा टेस्ट मैच शुरु होने जा रहा है। ऐेसे में अब टेस्ट टीम की कमान विराट कोहली को सौंप ‌दी गई है।

वैसे भी पिछले काफी समय से विराट, धोनी को कप्तानी के क्षेत्र में चुनौती देने लगे थे। ऐसे में धोनी द्वारा टेस्ट क्रिकेट को उस वक्त अलविदा कहना सराहनीय कदम कहा जा सकता है, जब वे अपने करियर के चरम पर हैं। धोनी सन्यास लेंगे इसकी किसी को कल्पना नहीं थी। ऐसे में जानकार इसे महेन्द्र सिंह धोनी का एक और समझदारी भरा मास्टर स्ट्रोक मान रहे हैं, जहां बीसीसीआई धोनी को हमेशा के लिये टेस्ट टीम की कप्तानी से हटाता, उससे पहले उन्होंने कुर्सी खाली करके अपना मान-सम्मान कायम रखा।

महेन्द्र सिंह धोनी ने अब तक ९० टेस्ट मैच खेले और ३८ रनों की औसत से ४८७६ रन बनाये, जिसमें ६ शतक और ३३ अर्द्घ शतक शामिल हैं। विकेट कीपर के रूप में उन्होंने २५६ कैच पकड़े और ३८ खिलाड़ियों को स्टंप आऊट किया। अपने टेस्ट क्रिकेटीय करियर में उन्होंने ६० मैचों में कप्तानी की और २७ में जीत दर्ज कराई, जबकि १८ मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा।