दूसरे टेस्ट में भारतीय सलामी बल्लेबाजों को करनी होगी अच्छी शुरुआत


केप टाउन (ईएमएस)। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाजों को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में बेहतर शुरुआत करनी होगी। भारतीय टीम को पहले टेस्ट में करारी हार झेलनी पड़ी थी और देखा गया था कि सलामी बल्लेबाज पूरी तरह विफल रहे थे। ऐसे में दबाव बढ़ने से मध्यक्रम भी लड़खड़ा गया। माना जा रहा है कि भारतीय टीम इस हार से सबक लेते हुए अब दूसरे टेस्ट में अच्छी शुरुआत करेगी। सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 13 जनवरी से सेंचुरियन में खेला जाएगा और यहां कि पिच भी केप टाउन की तरह ही तेज और उछाल भरी होगी। टीम इंडिया के गेंदबाजों के लिए यह एक बार फिर विकेट लेने का अच्छा अवसर होगा लेकिन बल्लेबाजों की राह आसान नहीं होगी। सीरीज के पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने अपने सभी 10 विकेट मैच के चौथे दिन करीब दो सेशन से पहले ही गंवा दिए। इस टेस्ट में गेंदबाज वर्नोन फिलैंडर के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। फिलैंडर ने भारत की इस पारी में कुल 6 विकेट अपने नाम किए।
इस मैच में अपने करियर का बेस्ट स्पेल (6/42) डालने वाले फिलैंडर ने इस मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम की ओर मोड़ दिया था। गेंद को दोनों ओर स्विंग करने की महारत रखने वाले फिलैंडर से भारत को सेंचुरियन में भी ऐसी ही चुनौती मिलेगी। फिलैंडर भले ही दक्षिण अफ्रीकी टीम में मौजूद दूसरे तेज गेंदबाजों की अपेक्षा में कुछ धीमी गति के बोलर हों, लेकिन उनकी यह कम गति और बॉल को स्विंग करने की महारत उनके इस स्टाइल को यहां खूब रास आती है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज फेनी डि विलियर्स मानते हैं कि सेंचुरियन के इस छोटे मैदान पर टीम इंडिया के लिए तभी जीत का कोई अवसर बन सकता है, जब उसके सलामी बल्लेबाज यहां अपनी टीम के लिए एक अच्छी शुरुआत करें। फेनी कहते हैं कि वह भले ही अपने घर सेंचुरियन में होने वाले मैच के दौरान यहां नहीं होंगे, लेकिन बावजूद इसके वह इस मैच का कोई पल मिस करना नहीं चाहेंगे।
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाजों का पहले टेस्ट में हाल देखकर ऐसा बहुत आसान नहीं लगता है। टीम इंडिया के कैंप में इसको लेकर चिंता गहरी होगी। के. एल. राहुल के टीम में होते हुए शिखर धवन को मौका मिलना हैरानी भरा ही है, वहीं मुरली विजय भी ऑफ स्टंप के बाहर जाती बॉल को छेड़ रहे हैं। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि सेंचुरियन का विकेट भी तेज ही होगा। दक्षिण अफ्रीका की ताकत उसकी तेज गेंदबाजी ही है और वह इसी पर जोर देगी। ऐसे में शिखर की जगह केएल राहुल को जगह देने पर विचार किया जा सकता है। वहीं रोहित की जगह आजिंक्य रहाणे आ सकते हैं।