अलविदा कहते समय रो पड़े थे धोनी


मेलबर्न । टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहते समय रो पड़े थे उसके बाद सभी साथी खिलाड़ी भी उपने आंंसू नहीं रोक पाये। अपने प्रिय कप्तान के अचानक खेल से दूर होने से सभी हक्केबक्के रह गये।
एक ऐसा कप्तान जो हमेश अपनी टीम के हर सदस्य का पूरा साथ देता था और टीम को विश्व में नंबर एक स्थान तक ले गया हालांकि जब मेलबर्न के इस मैदान में आखिरी बॉल खेलकर धोनी वापस पवेलियन लौट रहे थे तो वो बेहद सामान्य थे। तब तक धोनी ने कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। सबसे ज्यादा स्टंिंपग करने वाले विकेटकीपर बन गए।
टेस्ट, वनडे और टी-२० मिलाकर तीनो फॉर्मेट में १० हजार से ज्यादा रन बनाने वाले कप्तान बन गए। टेस्ट ड्रॉ होने के बाद ड्रेिंसग रुम में धोनी ने बीसीसीआई के सचिव संजय पटेल को फोन लगाया और अपने संन्यास लेने के पैâसले की जानकारी दी। जिससे पटेल भी हैरान हो गये और उन्होंने धोनी से पूछा ऐसा क्या हुआ कि आपने इतना बड़ा पैâसला ले लिया। तब धोनी ने कहा कि उन्होंने यह सब सोच समझकर किया है।
लेकिन संजय से बात करने के बाद धोनी अपने साथी खिलाडियों को अपने सबसे बड़े पैâसले से वाकिफ कराते, उससे पहले उन्होंने अपना एक फर्ज अदा किया। बेहद शांत अंदाज में वो पत्रकारों के बीच गए। जब धोनी मेलबर्न टेस्ट में अपनी टीम की कामयाबी-नाकामी के बारे में बता रहे थे, उस समय उनके चेहरे पर कोई ऐसा भाव नहीं था कि वो सपेâद जर्सी उतारने का पैâसला कर चुके हैं। प्रेस कॉन्प्रेंâस के बाद साथी खिलाड़ियों ने सोचा कि धोनी अब सिडनी विजय की रणनीति बनाएंगे लेकिन यहां धोनी अब कुछ और करने जा रहे थे। प्रेस कॉन्प्रेंâस से निकले तो ड्रेिंसग रूम में अपनी टीम के सभी खिलाड़ियों को बुलाया। धोनी ऊपर से तो सामान्य दिख रहे थे, लेकिन अंदर भावुकता का समंदर उमड़ रहा था। खुद को संभालते हुए धोनी ने अपने टीम मेंबर से कहा- दोस्तों, मैं टेस्ट क्रिकेट छोड़ रहा हूं। धोनी चाहते तो दस टेस्ट और खेलकर सौ टेस्ट का आंकड़ा पूरा कर सकते थे पर देश को विश्व क्रिकेट के सभी प्रारूपों में नंबर एक और विश्व कप सहित सभी खिताब जिताने वाला यह कप्तान आंकड़ों के पेâर में नहीं पड़ा पर टीम को अलविदा कहते हुए धोनी के आंखों ने भी उनका साथ नहीं दिया, वो रो पड़े, फिर तो टीम के लिए भी अपने आंसुओं को संभालना मुाqश्कल हो गया।