अब मुरली के सिर में लगी जॉनसन की बाउंसर , बाल बाल बचे


मेलबर्न। टीम इंडिया के बल्लेबाज मुरली विजय को ऑस्ट्रेलियाई ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन की बाउंसर लगी है। मेलबर्न टेस्ट में तीसरे दिन टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज मुरली को जॉनसन ने एक खतरनाक बाउंसर पेंâकी। यह गेंद मुरली विजय के सिर पर लगी लेकिन हेलमेट के कारण वह बाल-बाल बच गए। युवा क्रिकेटर फिलिप ह्यूज की मौत को अभी एक माह ही हुए हैं और अब मुरली बाल बाल बचे हैं।
भारतीय पहली पारी की ४४वें ओवर की दूसरी गेंद जॉनसन ने शॉर्ट पेंâकी। यह गेंद काफी उछाल वाली थी। मुरली विजय जब तक शॉट के लिए पोजिशन ले पाते गेंद उम्मीद से अधिक उछाल लेकर उन तक पहुंच गई थी। मुरली के पास अब झुकने के सिवाय कोई चारा नहीं था। मुरली झुके और सिर को पीछे की तरफ ले गए, इसके बावजूद गेंद उनके हेलमेट पर जा लगी।
इससे पहले एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में विराट कोहली को बाउंसर लगी थी। उस समय नियमित कप्तान माइकल क्लार्वâ मैदान पर ही थे। जैसे ही विराट को गेंद लगी, सभी खिलाड़ी उनके पास पहुंच गए थे। माइकल क्लार्वâ और जॉनसन काफी घबराए नजर आए थे। बॉिंलग के लिए जब जॉनसन लौट रहे थे तो क्लार्वâ उन्हें बाउंसर नहीं मारने की हिदायत भी देखे गए।
शानदार फॉर्म में चल रहे ओपनर मुरली ऑस्ट्रेलिया की धरती पर एक सीरीज में तीन से अधिक फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने वाले पहले भारतीय सलामी बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने पूर्व दिग्गजों सुनील गावसकर तथा कृष्णामाचारी श्रीकांत को पीछे छोड़ा। गावसकर ने भारत के १९७७ के ऑस्ट्रेलिया दौरे में तीन फिफ्टी प्लस स्कोर बनाए थे और तीनों को ही शतकों में बदला था। श्रीकांत ने १९८५-८६ के ऑस्ट्रेलिया दौरे में तीन फिफ्टी प्लस स्कोर बनाए थे।
मुरली तीसरे टेस्ट में ६८ रनों की पारी खेलते ही गावसकर और श्रीकांत से आगे निकल गए। मुरली ने इस सीरीज के एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में ५३ और ९९ रन, ब्रिस्बेन में दूसरे टेस्ट में १४४ और २७ रन तथा मेलबर्न में तीसरे टेस्ट की पहली पारी में ६८ रन बनाए है।